उपनिषद भाष्य!
उपनिषद भाष्य A book written by ‘Sureshvarji’. वेदान्त साहित्य प्रवर्तक शंकर के शिष्य सुरेश्वर (ई.820) कृत एक ग्रंथ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपनिषद भाष्य A book written by ‘Sureshvarji’. वेदान्त साहित्य प्रवर्तक शंकर के शिष्य सुरेश्वर (ई.820) कृत एक ग्रंथ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चतुर्थभुक्त A type of abandonment of food (fasting). दो उपवास; चार भोजन बेला का त्याग करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मध्यलोकजिनालयव्रत – Madhyalokajinalayavrata. A type of Vow (fasting) to be observed for different 458 days related to the 458 natural temples of madhya lok (middle universe). इसमें मध्य लोक के 458 अकृत्रिम जिन मंदिरों के 458 व्रत करना होता हैं ” इनके मंत्र , पूजा एवं विधिको “व्रतविधिएवंपूजा” भाग 2 पुस्तक से लेना…
उपचरित सद्भूत व्यवहासर नय A type of figurative conception/perception. उपाधि सहित गुण व गुणी में भेद को विषय करने वाला नय जैसे जीव के मतिज्ञान आदि गुण।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दिक्शुद्धि Directional purity, an activity of Jaina saints for Svadhyay. धवला आदि सिद्धान्त ग्रंथों के सवाध्याय हेतु की जाने वाली एक विशेष क्रिया पिछली रात्रि में वैरात्रिक स्वाध्याय के पश्चात् चारों दिशाओं में 27-27 श्वासोच्छ्वासपूर्वक 9-9 बार णमोकार मंत्र पढकर पौर्वाणिहक (प्रातःकालीन ) स्वाध्याय के पश्चात् अपरान्हिक स्वाध्याय हेतु 21-21 उच्छ्वासों में 7-7 बार चारों…
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मध्यम नक्षत्र – Madhyam Naksatra. Particular group of lunars. 30 मुहूर्त के नक्षत्रों को मध्यम नक्षत्र कहते हैं “
ग्राह्य-ग्राहक भाव Sentimentally acceptance of matters. भावेंद्रिया के द्वारा ग्रहण किए गए इन्द्रियों के विषयभूत पदार्थ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चरू Naivedya (edible articles), an offering article of worshipping. पूजा का एक द्रव्य, नैवेद्य।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मधुमास – Madhumasa. Spring season. बसंत ऋतु (चैत्र एवं वैशाख ये दो मास बसंत ऋतु के कहलाते हैं) “
उपचारकथन Formal statement. व्यवहार कथन- ‘कर्म जीव के स्वभाव का पराभव करता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]