पंचसमिति!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचसमिति – Panchasamiti. Five kinds of saint conduct related to carefulness. ईर्या, भाषा, एषणा, आदाननिक्षेपण और प्रतिष्ठापन यें पांच समिति संयम शुद्धि में कारण कही गयीं हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचसमिति – Panchasamiti. Five kinds of saint conduct related to carefulness. ईर्या, भाषा, एषणा, आदाननिक्षेपण और प्रतिष्ठापन यें पांच समिति संयम शुद्धि में कारण कही गयीं हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नंदिघोषा – Namdiguru Name of the writer of ‘Prayashchitta Samuchchaya Tika’ etc. नंदीश्वर द्वीप की पूर्व दिशा में स्थित एक वापी, रुचक पर्वत वासिनी दिक्कुमारी देवी ”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वागर्थसंग्रह – Vaagarthasangraha.: Name of a treatise composed by the poet Parmeshthi containing the life sketch of 63 great personalities. कवि परमेष्ठी कृत एक संस्कृत ग्रन्थ ” इसमें 63 शलाका पुरुषों का वर्णन है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचविंशति – Panchvinshti. A number – twenty five (special types of restraints of Upadhyaya). 25; उपाध्याय के विशेष गुण अर्थात् 11 अंग व 14 पूर्व का ज्ञान “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] A viewpoint of knowing the things with poly ends (Right perceptions). सम्यग्द्रष्टि; वस्तु स्वभाव को विवक्षानुसार या अनेक नयों से जानने वाला “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == श्रमण धर्म : == आहारमिच्छेद् मितमेषणीयं, सखायमिच्छेद् निपुणार्थबुद्धिम्। निकेतमिच्छेद् विवेकयोग्यं, समाधिकाम: श्रमणस्तपस्वी।। —समणसुत्त : २९१ समाधि का अभिलाषी तपस्वी श्रमण परिमित तथा एषणीय आहार की ही इच्छा करे, तत्त्वार्थ में निपुण (प्राज्ञ) साथी को ही चाहे और विवेकयुक्त अर्थात् विविक्त (एकान्त) स्थान में ही निवास करे। दानं पूजा…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचभावना – Panchabhavanaa. Five kinds of auspicious sentimemtsls related to austerity, knowledge etc. तपोभावना, श्रुतभावना, सत्त्व भावना, एकत्व भावना और धृतिबल भावना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] Reverential word used while bowing down before the saints etc. विनय; साधु इत्यादि को नमन करना ” दिगम्बर मुनिराज एवं आर्यिका माताओं के चरणों में नमन करते समय ‘नमोस्तु’ कहा जाता हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वस्त्रांग – Vastraanga.: A type of wishfulfilling trees providing desired clothes. 10 प्रकार के कल्पवृक्षों में एक प्रकार के वृक्ष जो इच्छित वस्त्र देते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचनमस्कार मंत्र माहात्म्य – Panchanamaskaara Mantra Maahaatmya. A story written by AcharyaSinhnandi about the greatness of Namokar mantra. आचार्य सिंहनन्दी (ई.श. 16) कृत एक कथा “