व्यंजन शुद्धि!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] व्यंजन शुद्धि –Vyaninjana Suddhi. Right & exact pronunciation of religious hymns, mystic syllables (mantras) etc. सूत्रों को दोष रहित पढ़ना व्यंजन शूध्दि है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] व्यंजन शुद्धि –Vyaninjana Suddhi. Right & exact pronunciation of religious hymns, mystic syllables (mantras) etc. सूत्रों को दोष रहित पढ़ना व्यंजन शूध्दि है “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वसंवेदन – Svasammvedana. Self experience or intuition. आत्मानुभव, आत्मज्ञान।
द्रव्यतीर्थ Place of pilgrimages. तीर्थंकरों की कल्याणक भूमियाँ, सिद्धक्षेत्र, अतिशयक्षेत्र आदि जिनकी वंदना – अर्चना संसार से तिरने में सहायक होती है। जैसे- अयोध्या, सम्मेदशिखर, कुण्डलपुर आदि।[[श्रेणी: शब्दकोष ]] तीर्थंकरों के पंच कल्याणकों से एवं महापुरुषों के तप- त्याग से पवित्र स्थलों को द्रव्यतीर्थ कहते हैं ।इस द्रव्यतीर्थ को जैन शास्त्रों में तीन भागों में…
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == सम्यग्दृष्टि : == भूयत्थमस्सिदो खलु, सम्माइट्ठी हवइ जीवो। —समयसार : ११ जो भूतार्थ अर्थात् सत्यार्थ शुद्ध दृष्टि का अवलम्बन करता है, वही सम्यग्दृष्टि है। जं कुणदि सम्मदिट्ठी, तं सव्वं णिज्जरणिमित्तं। —समयसार : १९३ सम्यग्दृष्टि आत्मा जो कुछ भी करता है, वह उसके कर्मों की निर्जरा के लिए ही…
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वर्णकूला कुंड – Svarnakuulaa Kumda. Name of a pond situated in Hairayavat region. हैरण्यवत क्षेत्रस्थ एक कुंड।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] स्वर निमित ज्ञान – Svara Nimitta Jnnaana. Inferential knowledge caused due to have voice of beings. मनुष्य व तिर्यचो के विचित्र शब्दो को सुनकर शुभाषुभ को जान लेना स्वर निमित्त ज्ञान कहलाता है। देखे-स्वर।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैताढय –Vaitadhya Another name of Vijayardhmountain, Range of some particular mountains in the middle of HaimvatKshetra (region) etc. विजयार्ध पर्वत का अपरनाम, हेमवत आदि अन्य क्षेत्रो के मध्य शब्दवान आदि कुटाकार पर्वत भी वैताढय कहलाते है “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वयंशोधक – Svayammsodhaka. One who repents himself for his faults, not before the preceptor (it is an infraction). प्रायष्चित देने से पूर्व ही स्वंय प्रायष्चित लेने वाला स्वंय शोधक कहलाता है (यह एक अतिचार है)।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विविक्त शय्यासन – Vivikta Sayyasana. Isolated place for sleeping or rest. पांचवां बाहा तप-व्रत की शुध्दि के लिए, पशु, स्त्री आदि से रहित एकांत प्रासुक स्थान में साधु के द्वारा ध्यान – अध्ययन के लिए शय्या व आसन ग्रहण करना “