घाती कर्म प्रकृति!
घाती कर्म प्रकृति Nature of destructive Karmas. २६ देशघाती एवं २१ सर्वघाती कर्म प्रकृतियाँ ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
घाती कर्म प्रकृति Nature of destructive Karmas. २६ देशघाती एवं २१ सर्वघाती कर्म प्रकृतियाँ ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भ्रमराहार:Accepting food-donation by saints without causing any difficulty to the donor. दाताओं को किसी भी प्रकार की बाधा पहुँचाये बिना मुनि द्वारा कुशलता से आहार लिया जाना ” इसे भ्रामरी वृत्ती भी कहते है “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोगोपभोग परिमाण व्रत:Vow of restricting worldly sensual enjoyments. शिक्षा व्रत का एक भेद; इसमें भोग उपभोग सम्बन्धी पदार्थो का परिमाण किया जाता है “
ग्राम Village, Rural place. बाड़ , आवृत , उद्यान और जलाशयों से युक्त कृषकों आदि की निवास भूमि ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गर्भज Those born by uterus, Uterine born. जो तिर्यंच, मनुष्य माता के राज व पिता के वीर्य के सम्बन्ध से पैदा हों. जरायुज , अण्डज, पोत ये तीन गर्भजन्म के भेद हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गलितावशेष Decaying of remainders. गुणश्रेणी आयाम के द्वितीयादी समयों में गुणश्रेणी आयाम क्रम से एक एक निषेक की घटती होना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशद प्रतिभास – Visada Pratibhasa. Right conception of soul. ज्ञानावरण कर्म क्षय से अथवा क्षयोपशम से उत्पन्न होने वाली और शब्द तथा अनुमानदि (परोक्ष) प्रमाणों से नहीं हो सकने वाली जो अनुभव सिध्द निर्मलता है वही विशद प्रतिभास है “