न्यग्रोध वृक्ष!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] न्यग्रोध वृक्ष – Nyagrodha Vriksha. Banyan tree, initiation tree of Lord Rishabhabdev. बरगद का पेड़; ऋषभनाथ भगवान के दीक्षा एवं केवलज्ञान वृक्ष का नाम” इसका अपरनाम वटवृक्षया अक्षय है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] न्यग्रोध वृक्ष – Nyagrodha Vriksha. Banyan tree, initiation tree of Lord Rishabhabdev. बरगद का पेड़; ऋषभनाथ भगवान के दीक्षा एवं केवलज्ञान वृक्ष का नाम” इसका अपरनाम वटवृक्षया अक्षय है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रथरेणु – छेत्र का मापक प्रमाण। 8 त्रस रेणु=एक रथरेणु। Ratharenu-A measurement unit of area
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विधिवाक्य – Vidhivakya. Statement reg. ordinace or order. आज्ञा या आदेश करने वाले वाक्य विधि वाक्य हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भद्रासन – Bhadrasana. A specific reverential place at Pandukshila. पाण्डुकशिला पर स्थित एक आसन “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाषा बल – Bhasha Bala. Power of speech. १० प्राणों में एक प्राण, वचन बल “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वेतस –Vetasa. Cane, a type of wood used in the Pichchhi of Jaina saints & other furniture too. बेंत, एक प्रकार की लकड़ी, जो जैनसाधुओं की पिच्छी में पकडने वाली डंडी के रूप में प्रयुक्त की जाती है ” वर्तमान में विशेष फ़र्निचर निर्माण में भी इसका प्रयोग होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नोकर्म द्रव्य कर्म – Nokarma Dravya Karma. External substances causing some results by Karmic fruition. कर्म प्रकृति के उदय फलस्वरूप जो कार्य हो उस कार्य के लिए जो बाहरी वस्तु कारण भूत हो वह वस्तु प्रकृति का नोकर्म द्रव्य कर्म है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यषोधचरित्र – वादिराज द्वि ई 1010 – 1065 कृत, कवि पùनाथ ई 1405 – 1425 कृत, सकलकीर्ति ई 1406 – 1442 आदि विद्वानो द्वारा इस विशय के कइ ग्रन्थ रचे गए है। Yasodharacaritra-A character portrayal by many writers
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वड्ढमाणचरिउ –Vaddhamaanachariu Name of a treatise written by poet Shridhar. कवि श्रीधर (ई .श. 12 का उत्तरार्ध) कृत 10 संधियों वाला अपभ्रंश काव्य ग्रन्थ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नैसर्गिक मिथ्यात्व – Naisargika Mithyaatva. Natural false belief. अग्रहीत मिथ्यात्व-परोपदेश के बिना मिथ्यात्व कर्म के उदय से जीवादि पदार्थों का अश्रद्धान रूप भाव “