तृषा!
तृषा Thirst (controlling thirst is an affliction). प्यास , 22 परीषहों में एक परीषहों में एक परीषह। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तृषा Thirst (controlling thirst is an affliction). प्यास , 22 परीषहों में एक परीषहों में एक परीषह। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुषमादुषमा काल – Sushamaa-Dushamaa Kaala. Pleasant & sorrowful long period of woridily cycle ( the 3nd of Avasarpini Kal & the 4th of Utsarpini Kal According to Jaina Philosoph) अवसर्पिणी के तृतीय काल और उत्सर्पिणी के चतुर्थ काल का नाम । इसका काल 2 कोड़ाकोड़ी सागर प्रमाण है। इस समय जघन्य भोगभूमि रहती है,…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भवविचय – Bhavavicaya. Right meditation on materialistic world or cycle of birth. सातवाँ धर्मध्यान; भव – संसार सदैव दुःख रूप ही है’ ऐसा चिंतन करना “
तुलसीदास A great personality of India, who wrote Ramayana. रामायण के रचियता (वि. 1680)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वर्गधारा – Vargadhaaraa.: A type of mathematical series. श्रेणी व्यवहार गणित की सर्वधारा आदि 14 धाराओं में एक ; 1, 4, 9,16 (12, 22,32,42)………….
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भवन – Bhavana. Residential places (of human being, deities etc.) भवनवासी देवों के रहने के स्थान एवं मनुष्यों के आवास भवन कहलाते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वरतनु (द्वीप ) – Varatanu (Dviipa): Name of an island of Lavan & Kalod oceans. लवण तथा कालोदसागर का अन्तर्दिप “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] न्यायकेवली – Nyaayakevali. Name of a book written by Acharya Shridhar-2. आचार्य श्रीधर-२ (ई. सन् 991) द्वारा रचित एक नैयायिक ग्रंथ “
तिर्यक् गच्द A mathematical quantity. गुण हानियों का प्रमाण।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]