भुजंगम!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भुजंगम – Bhujangama. Name of the 14th Teerthankar (Jaina – Lord ) in Videh Kshetra (region). विदेह क्षेत्र में स्थित १४ वें तीर्थकर का नाम “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भुजंगम – Bhujangama. Name of the 14th Teerthankar (Jaina – Lord ) in Videh Kshetra (region). विदेह क्षेत्र में स्थित १४ वें तीर्थकर का नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सूत्रदर्शनार्य – Sutra Darshanaarya. A type of noble persons. दर्शनार्य के 10 भेदो में एक भेद । मुनियों के दीक्षादि का वर्णन करने वाले आचारांग आदि आचार सूत्र को सुनकर जो सम्यग्दर्शन को प्राप्त होते हैं वे सूत्र दर्शनार्य है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पीठिका – Pithika. Preface, introductory part. भूमिका, प्रस्तावना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सूचीकर्म – Sucheekarma. Outlining of something or needlework. अनुयोग की निरूक्ति के 5 दृष्टांतो मे एक दृष्टांत । लकडी से किसी वस्तु को तैयार करने के लिये पहिले लकडी के निरूपयोगी भाग को निकालने के लिये उसके ऊपर एक रेखा में जो डोरा डाला जाता है, वह सूचीकर्म है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पिपीलिका – Pipilika. The ant (3 sensed beings). चींटी. इनके तीन इंद्रिय- स्पर्शन, रसना, घ्राण होती हैं “
उपमान Analogy, Comparison, An object of comparison, A type of Mathematics . प्रसिद्ध पदार्थ की तुल्यता से साध्य के साधन को उपमान कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुक्ष्म निगोद – Sukshma Nigoda. See- Nigoda Suksma. देखे – निगोद सुक्ष्म ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] न्यायसूर्यावली – Nyaaysooryaawali. Name of a book. एक न्यायविषयक ग्रंथ “
उपयोग(शुद्ध) Pure attention . रागादि विकल्पों से रहित आत्मा की निश्चल दशा ही शुद्धोपयोग है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुस्थित – Susthita. Name of a protecting peripatetic deity of Lavan ocean. लवण समुद्र का रक्षक व्यन्तर देव ।