भद्रबाहुचरित!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भद्रबाहुचरित – Bhadrabahucarita. A book written by Acharya Ratnakirti. आचार्य रत्नकीर्ति (ई. १५१५) द्वारा रचित एक ग्रंथ “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भद्रबाहुचरित – Bhadrabahucarita. A book written by Acharya Ratnakirti. आचार्य रत्नकीर्ति (ई. १५१५) द्वारा रचित एक ग्रंथ “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुखधन – Mukhdhan. Something principal. आदि स्थान में जो प्रमाण या संख्या है वह मुखधन कहलाती है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सप्रतिपक्षी – Sapratipaksee. Something with opposite property or nature. विरोधी धर्म, सत् सदा अपने प्रतिपक्षी की अपेक्षा रखता है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भास्कर वेदांत – Bhaskara Vedanta. A particular philosophy (“Everyone gets en- grossed into Brahma after death”). द्वैताद्वैत; संसार में जीव अनेक हैं किन्तु मुक्त होने पर सब ब्रम्ह में लीन हो जाते हैं ऐसा मानना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सप्त तत्तव – Sapta Tattva. Seven universal entities (Jiva, Ajiva, Asrava, Bandh, Samvar, Nirjara & Moksh). जीव, अजीव, आसत्रव, बंध, संवर, निर्जरा और मोक्ष ये सात तत्तव है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाववान् – Bhavavan. Something having volitional quality. परिणाम मात्र; परिणामी होने से सभी द्रव्य भाववान हैं “
ग्रहावती A Vibhanga river of east Videh Kshetra (region). पूर्व विदेह की एक विभंगा नदी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]