धीमान्!
धीमान् Wise, Intelligent, A king of Yadu dynasty. बुद्धिमान (विद्वान्), यदु (यादव) वशं का एक राजा। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धीमान् Wise, Intelligent, A king of Yadu dynasty. बुद्धिमान (विद्वान्), यदु (यादव) वशं का एक राजा। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चारित्रपाहुड़ A book written by Acharya Kundkund. आचार्य कुन्दकुन्द (ई. १२७-१२९) द्वारा रचित एक ग्रन्थ ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मध्यम पारीषद् – Madhyam paarishad. A type of council of deities. देवों के परिषद् (सभा) के तीन भेदों में एक भेद ; इसे चंदा नाम से जाना जाता है , इसमें बहुधा अन्तःपुर के महत्तर होतें है जो बेंतरूपीलता को हाथ में ग्रहण करके कंचुकी की पोषाक पहने हुए हैं “
धान्य Corn, grain such as rice, wheat etc. (cereals). बाह्य परिग्रह का एक भेद, जौ, गेहूं, चना आदि। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
ग्रैवेयिक स्तूप A special structure of Samavasharan-holy assembly of Lord. ग्रैवेयिक विमान के आकार का समावशरण का स्तूप ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समता परिणाम – Samataa Parinaama. Harmonious or equnimous, temperaments. माघ्यस्थ भाव। अपने आत्मा मे तथा सर्व जीवो मे समभाव अर्थात् समता परिणाम होना।
धर्मास्तिकाय One of the 5 entities (matters), spatially extended. 5 अस्तिकाय द्रव्यों में एक द्रव्य; जो बहुप्रदेशी और अजीव है। यह जीव पुद्गल की गति में सहकारी होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दर्शन – ज्ञान-चारित्र Three jewels of Jainas (Right faith, Right knowledge & Right conduct ). रत्नत्रय सम्यग्दर्शन, सम्यग्ज्ञान और सम्यग्चारित्र इन तीनों गुणों को रत्नत्रय कहते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धर्मसागर A disciple of Acharya Veersagar. आचार्य श्री वीरसागर महाराज के शिष्य, चारित्रचक्रवर्ती श्री शांतिसागर जी महाराज की पट्ट परम्परा के तृतीय पट्टाधीश आचार्य (ई. सन् 1969-1987 तक)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]