ध्रुवसेन!
ध्रुवसेन Name of a great Acharya, possessing knowledge of 11 Angas. भगवान महावीर स्वामी के पीछे हुए 11 अंगों के ज्ञाता 5 आचार्यों में चैथे आचार्य, अपरनाम द्रुमसेन। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
ध्रुवसेन Name of a great Acharya, possessing knowledge of 11 Angas. भगवान महावीर स्वामी के पीछे हुए 11 अंगों के ज्ञाता 5 आचार्यों में चैथे आचार्य, अपरनाम द्रुमसेन। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चेतना Consciousness, Vigour, Vitality. जिस शक्ति के सानिध्य से आत्मा ज्ञाता- दृष्टा अथवा कर्ता – भोक्ता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
ध्यानप्रवाह Course of meditation. संपूर्ण ध्यान की स्थिति। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चिदम्बर An addressing word for one at the supreme spiritual state. चैतन्य ही है अम्बर अर्थात् वस्त्र जिनका , ऐसी अर्हन्त – सिद्ध आत्मा को चिदम्बर शब्द से संबोधित किया है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
धृतिषेण Name of a great Acharya possessing knowledge of 11 Angas & 10 Purvas. भद्रबाहु प्रथम (श्रुतकेवली) के पश्चात् हुए 11 अंग व 10 पूर्वधारी सातवें आचार्य (ई. पू. 263-245)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
घ्राण Nose-a smelling sense. नासिका ; ५ इन्द्रियों में तीसरी इन्द्रिय ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्त्यानगृद्वि – Styanagraddhi. To commit abnormal activity in the state of somnambulism (walking habit in the sleeping state).5 निद्रांओ मे एक निन्द्रा, स्वप्न मे उठकर व्यक्ति कोई भयानक असाधारण कार्य करके पुनः सो जाये।
धृतपद्म A king of Kuru dynasty. अनेक कुरूवंशी राजाओं के पश्चात् हुआ एक राजा। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चलबिम्ब प्रतिष्ठा Installation ceremony of small idols. एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जा सकने वाली प्रतिमाओं की प्रतिष्ठा ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समाधिगुप्त – Samaadhigupta. The predestined 18th Tirthankar (Jaina-Lord). भाविकालीन 18 वें तीर्थकर है।