पद्मकावती!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पद्मकावती: Name of a country at the south bank of siroda river in Videh Kshetra (region). विदेह क्षेत्र में सीतोदा नदी के दक्ष्णि तट पर एक देश।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पद्मकावती: Name of a country at the south bank of siroda river in Videh Kshetra (region). विदेह क्षेत्र में सीतोदा नदी के दक्ष्णि तट पर एक देश।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैर –Vaira Hostility, Enmity, Name of a heavenly abode.Name of the 69th chief disciple of Lord Rishabhadev. विरोध, शत्रुता, ९ अनुदिश विमानों में तीसरा पश्चिम का श्रेणीबध्द विमान, भगवन वृषभदेव के ६९वे गणधर “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विंशति – Vinshati.: Twenty. 20;कषाय व लेश्या की अपेक्षा आयुबंध के 20 स्थान, 20 प्ररुपणा, विदेह क्षेत्र में विद्यमान 20 तीर्थंकर आदि “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैक्रियिक द्विक –VaikriyikaDvik. A type of dyad pertaining to the transformable body (of deities & hellish beings). वैक्रियिक शरीर, वैक्रियिक अंगोपांग “
घनवात Atmosphere. वायुमण्डल , लोक को वेष्टित करने वाले तीन वातवलयों में द्वितीय वलय।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भौमनिमित्तज्ञान:A type of super natural knowledge pertaining to the earthly treasures. अष्टांग निमित्तज्ञान का एक अंग; इससे पृथ्वी के स्थान आदि के भेद से हानि, वृधि तथा पृथ्वी के भीतर रखे हुए रत्न आदि का पता लगाया जाता है “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पत्र समूह (जीर्ण) :Heap of leaves, The 16th dream of Bharat Chakravarti. भरत चक्रवर्ती का 16वां स्वप्न था जीर्ण पत्र समूह जिसका फल ’महाऔषधियों का रस नष्ट होना बताया गया था । यह फल वर्तमान में प्रत्यक्ष रूप मंे देखा जा रहा है।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यक्षेश्वर–Yakshesvar. Name of the ruling deity of Lord Abhinandannath. अभिनंदंनाथ भगवन के शासन देवता का नाम”
गुणधर Name of an Acharya. एक आचार्य , लोहाचार्य के शिष्य (ई.श. १ पूर्वपाद), जिन्होंने कषायपाहुड ग्रन्थ की रचना की ।[[श्रेणी:शब्दकोष]] ==आचार्य श्रीगुणधरदेव का विशेष परिचय == left”200px”]] श्रुतधर आचार्यों की परम्परा में सर्वप्रथम आचार्य कौन हैं ? ऐसा प्रश्न होने पर इतिहासकारों ने बड़े आदर से महान आचार्यश्री गुणधर देव का नाम लिया है।…
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोगाकांक्षा:Longing for enjoyment. भोग करने की इच्छा होना “