धृतिक्षेम!
धृतिक्षेम A king of Kuru dynasty. धृतिमित्र राजा के पश्चात् हुआ एक कुरूवंशी राजा। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धृतिक्षेम A king of Kuru dynasty. धृतिमित्र राजा के पश्चात् हुआ एक कुरूवंशी राजा। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == संतोष : == देिंवदचक्कवट्टित्तणाई रज्जाइ उत्तमा भोगा। पत्ता अणंतखुत्तो, न य हं तित्तिं गओ तेहिं।। —इन्द्रिय पराजय शतक : १६ देवपन, इन्द्रपन, चक्रवर्तीपन और राज्य आदि के उत्तम भोगों को मैंने अनंत बार पाया है, परन्तु अभी तक मैंने इनसे लेशमात्र भी तृप्ति नहीं पाई है। सव्वग्गंवथविमुक्को, सीईभूओ…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुद्गल द्रव्य पर्याय – Pudgala Dravya Paryaya. Different states (forms) of matters. पुद्गल द्रव्य की सूक्ष्म, स्कंध आदि अवस्थायें “
धूमप्रभा Name of the earth of the 5th hell, having smoky radiance. पांचवे नरक की पृथिवी का नाम- जिस पृथिवी की प्रभा धुआँ के समान है वह भूमि धूमप्रभा है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वामन – Vaamana.: Name of a guardian deity of an auspicious canopy. प्रतिष्ठा मंडप के 10 द्वारपलों में एक द्वारपाल देव “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुण्यजीव – Punyajiva. Beings having auspicious & noble results of Karmas. सम्यक्त्व, श्रुतज्ञान, व्रतरूप परिणाम तथा कषाय निग्रहरूप गुणों से परिणत आत्मा “
धारा Flow, Sequences (related to maths). प्रवाह, गणित संबंधी सर्वधारा, वर्गधारा आदि 14 धारा। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पृथिवीकायिक व्रक्ष – Prthivikayika Vrksa. A type of earth bodied trees related to existing imaginary life. जम्बू, शाल्मली आदि अकृत्रिम वृक्ष एंव पीपल, सप्तवर्ण, जामुन आदि समस्त चैत्यव्रक्ष पृथिवीकायिक व्रक्ष कहलाते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचेन्द्रियत्व – Panchendriyatva. To be five-sensed. पांच इन्द्रियों का होना” सयोगी अयोगी केवली को देव्येन्द्रिय की अपेक्षा पंचेन्द्रियत्वहोता है भावेन्द्रियकी अपेक्षा नहीं “
धवल रूधिर One of the excellences of Lord Arihant, to have milky blood. भगवान अर्हंत के जन्म के 10 अतिशयों में एक, दूध के समान धवल रूधिर। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]