द्रव्य इंद्रिय!
द्रव्य इंद्रिय Physical senses (for touch, taste, smell etc.) स्पर्शन, रसन, घ्राण, चक्षु और श्रोत ये 5 द्रव्य इंद्रियाँ होती हैं ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्रव्य इंद्रिय Physical senses (for touch, taste, smell etc.) स्पर्शन, रसन, घ्राण, चक्षु और श्रोत ये 5 द्रव्य इंद्रियाँ होती हैं ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लौकिक गणना –Laukika Gananaa A Type of worldly mathematical calculations. गणना प्रमाण के दो भेदों में एक भेद “
उपादान कारण Material cause, Affluent cause . जो पदार्थ स्वयं कार्य रूप परिणमन करे जैसे घट की उत्पत्ति में मिट्टी।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
द्योत्यद्योतक भाव A relation between one enlightening and enlightened one. संबंध का एक भेद- प्रकाशित होने वाला पदार्थ द्योत कहलाता है।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
उपादान Motive, Cause of existence of material . अन्तरंग कारण जो द्रव्य तीनों कालों में अपने रूप से और अपूर्वरूप से वर्त रहा है वह उपादान कारण है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दैवी मीमांसा A philosophy related to fate. नियति का विशेषरूप से विचार।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्यय – Nishchaya. Absolute conception or belief, determination. परमार्थ की विशेष रूप से तथा संशयादीसे रहित अवधारणा निश्चय कहलाती है, दृढ़ विश्वास, असंदिग्ध अवधारणा “
दुर्ध्यान Sorrowful & aggressive conception (i.e. Artta & Raudra Dhyan).आर्त और रौद्र ध्यान, ये संसार के कारण हैं।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोभ (कषाय ) – Lobha (Kashaaya) Passion for prosperity (greed). चौथी कषाय ;इसमें धन सम्पति पाने की तीव्र लालसा या वृद्धि –इच्छा बनी रहती है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्वैर – Nirvaira. Peaceable, enmitiless feelings. सम्पूर्ण प्राणियों से मैत्रीभाव होना अर्थात्किसी से वैर न होना”