भाववान्!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाववान् – Bhavavan. Something having volitional quality. परिणाम मात्र; परिणामी होने से सभी द्रव्य भाववान हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाववान् – Bhavavan. Something having volitional quality. परिणाम मात्र; परिणामी होने से सभी द्रव्य भाववान हैं “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मिश्रनुकंपा–Mishranukanpa. A type of compassion. अनुकम्पा के तीन भेदो में एक भेद; अणुव्रती अर्थात् गृहस्थो पर जो दया की जाति है”
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पर कृति Sentence showing mutual contradiction. जो वाक्य मनुष्यों के कर्मो में परस्पर विरोध दिखावे उसे ’परकृति’ कहते है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकीर्णक तारे – Prakirnaka Tare. Scattered stars. ज्योतिषी देवों का एक भेद, ये आकाश में बिखरे हुए रहते हैं और यह चर और अचर के भेद से दो प्रकार के होते हैं “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मृगावती– Mragavati. Mother’s name of 1st Narayan Triprashth. प्रथम नारायण ‘त्रिपृष्ठ’ की माता का नाम” वैशाली के राजा चेटक की 7 पुत्रियों में से एक भगवान् महावीर की मौसी”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचव्रत – Panchavrata. Five kinds of vows-non-violence, truth, non-stealing, celebacy, non-possession. अहिंसा, सत्य, अचौर्य,ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह यें पांच महाव्रत है”
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परंपरा:Tradition, Custom, Sequence.एक के बाद दूसरा, अविछिन्न, श्रृंखला ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव पाप – Bhava Papa. Subjective vices or sins. मन से होने वाले ५ पाप या पाप रूप परिणाम “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विराग – Viraga. Aversion from the worldly attachments, Indif-ferent. विरक्त होने का नाम विराग है ” सांसारिक वासनाओं के प्रति उदासीनता, राग से मुक्ति “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचमकाल – Panchamkaala. Fifth regressive period of half universal cycle (Avasarpini kal). अवसर्पिणी का पंचम दुखमा काल, जिसमें तीर्थंकर आदि विशिष्ठ पुण्यात्माओं का जन्म नहीं होता “