तृष्णा!
तृष्णा Thirst, Desire. प्यास, इच्छा, लालसा, लोभ, होना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वरक्षित – Sarvaraksita. Name of a specific heavenly deity-a Laukantik Dev. एक लौेकांतिक देव । यह तुषित और अव्याबाध लौकांतिक देव के मध्य में है।
तेज Lustre, Glitter, fire. गर्मी, चमक, दीप्ति, प्रभा , प्रकाश, अग्नि।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वतोभद्र – Sarvatobhadra. Heavenly space craft of Brahmendra, Name of cow-pan of Bharat Chakravarti (emperor). ब्रह्मेन्द्र का यान-विमाान, भगवान ऋषभदेव के 84 खन (मंजिल) ऊॅंचे महल का नाम । भरत चक्रवर्ती की गौषाला का नाम ।
तिरोधान To create restriction, Concealment. बाधा डालना, रोकना, छिपाना, कर्म मोक्ष के हेतु को तिरोधान करने वाला है।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चुलुलित An infraction of meditative relaxation. कायोत्सर्ग का एक अतिचार ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्पिःस्त्रावी ऋद्वि – Sarpihsraavee Riddhi. A type of supernatural power (of transforming tasteless food into delicious food). एक रस ऋद्वि। जिसके प्रभाव से हाथ मे आया नीरस एवं सूखा भोजन भी सरस-धृतयुक्त हो जाता है।
तिर्यगेकादश Fruition of specified eleven karmic nature of Tiryanch beings. 11 कर्म की ऐकयी प्रकृतिां जिनका उदय तिर्यचगति में होता है तिर्यचगति, तिर्यच गत्यानुपूर्वी, एकेंद्रियादि 4 जाति, आतप, उद्योत , स्थावर, सूक्ष्म, साधारण। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]