पुद्गलयुति!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुद्गलयुति – Pudgalayuti. Assemblage of matters. द्र्व्ययुती का एक भेद; एक स्थान पर पुद्गलों का मिलना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुद्गलयुति – Pudgalayuti. Assemblage of matters. द्र्व्ययुती का एक भेद; एक स्थान पर पुद्गलों का मिलना “
गति परिष्पंद Vibrational motion. बाह्य अभ्यंतर निमित्त के वश उत्पन्न होने वाला काय का परिस्पंद ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == स्यद्वाद : == सप्तैव भवन्ति भंगा, प्रमाणनयदुर्नयभेदयुक्ता अपि। स्यात् सापेक्षं प्रमाण:, नयेन नया दुर्नया निरपेक्षा:।। —समणसुत्त : ७१६ (अनेकान्तात्मक वस्तु की सापेक्षता के प्रतिपादन में प्रत्येक वाक्य के साथ ‘स्यात्’ लगाकर कथन करना स्याद्वाद का लक्षण है।) इस न्याय में प्रमाण, नय और दुर्नय के भेद से युक्त…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] व्यक्ति –Vyakti Person, one that can be described or expressed. मनुष्य, जो व्यक्त होता हैं उसे व्यक्ति कहते हैं (अपरनाम अभिव्यक्ति ) “
उद्यवन Devotion of soul towards true knowledge. आत्मा की सम्यग्दर्शनादि परिणति होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुचिदत्त – Shuchidatta. The 4th chief disciple of Lord Mahavira. तीर्थंकर महावीर के चौथे गणधर “
गंधोदक Sacred fragrant water (pertaining to anointment of a Jaina idol). सुगन्धित प्रासुक जल; भगवान के न्हवन (अभिषेक) से पवित्र जल ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुक्ति – Shukti Name of a city of Bharat Kshetra (region). भरत क्षेत्र के शुक्तिमती नदी पर स्थित एक नगर “