संरंभ!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संरंभ – Sanranbha. Resolution for some activity. जीवाधिकरण का एक भेद; कार्य करने का संकल्प करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संरंभ – Sanranbha. Resolution for some activity. जीवाधिकरण का एक भेद; कार्य करने का संकल्प करना “
चतुर्भुज समलम्ब Trapezium. चार भुजाओं वाला चित्र जिसमें आमने-सामने की कोई दो भुजाएं समान्तर होती हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
देह Body, a type of peripatetic celestial. शरीर, काया, पिशाच, जातीय व्यंतर देवों का एक भेद।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चतुर्विधामर Four types of deities. ४ निकाय के देव -भवनवासी ,व्यंतर ,ज्योतिष्क ,वैमानिक ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समपाद तप – Sampaada Tapa. A type of physical mortification standing on feet keeping them straight. कायक्लेश तप का एक भेद। जिसमे दोनो पैर समान रखे जाये।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संयतासंयत – Sanyataasanyata. One having control & restraints with minor vows. एकदेश रूप व्रतों के या अणुव्रत के धारक जीव ” व्रती श्रावक, क्षुल्लक व ऐलक ये संयतासंयत कहलाते हैं “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मध्यम अनन्त – Madhyam Anant. A mathematical term. एक गणितीय पद ” संख्यामान के 21 भेदों में एक भेद “
गंधकुटी Seat of Lord in Samavashran – the holy assembly of Jaina lord. समावशरण के मध्य भगवान के बैठने का स्थान । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
गोवदन Ruling demigod of Lord Rishabhadev. भगवान् ऋषभदेव के शासन देव ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]