दिग्पाल!
दिग्पाल A type of guardian deities. दिक्कुमार जाति के देव लोकपाल इन्हीं देवों में से होते है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दिग्पाल A type of guardian deities. दिक्कुमार जाति के देव लोकपाल इन्हीं देवों में से होते है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विक्रमप्रबंध टीका – Vikramaprabandha Tikaa.: Name of a commentary book written by Acharya Shrutsagar. आचार्य श्रुतज्ञान द्वारा रचित ग्रन्थ “समय –ई.सन 1473-1533 “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीरसागर (आचार्य) –Virasagara (Acarya) Name of the first disciple of CharitraChakravartiAcharyaShriShantisagarjiMaharaj in his Acharya tradition. चरित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शान्तिसागर महाराज के प्रथम शिष्य एवं उनकी परम्परा में पटाटाघीश आचार्य ” जन्म – सन १८७६ में आषाढ शुक्ला १५ (गुरु पूर्णिमा ) एवं समाधि – संन १९५७ आश्विन कृ. अमावस ” सन…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विकलचारित्र – Vikalachaaritra.: Conduct of householders as Anuvrat. एक देश चारित्र;अनुव्रत रूप श्रावक का चारित्र “
त्रिलोकतीज व्रत A type of fasting. तीन वर्ष तक प्रतिवर्ष भाद्रपद शुक्ल तीज का उपवार करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भ्रष्ट मुनि:Deviated saints. इन्द्रिय और कषायों के अधीन रहने वाले साधु “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रामसेन – कई आचार्य का नाम माथर सध के प्रवर्तक वीरसेन आचार्य के षिश्य सेन संधी गुरू नागसेन के षिश्य तथा तत्वानंुषासन के कत्र्ता, काश्ठसंध के क्षेमकीर्ति के षिश्य। Ramasena-name of many jaina Acharyas or saints
गुणगुरु Perfect or virtuous chief saint. गुणों में प्रधान गुरु ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोगोपभोगसंख्यान:Vow of limiting use of consumables. एक गुण व्रतःइसमें भोग और उपभोग की वस्तुओं की मर्यादा की जाती है “