उपादान कारण!
उपादान कारण Material cause, Affluent cause . जो पदार्थ स्वयं कार्य रूप परिणमन करे जैसे घट की उत्पत्ति में मिट्टी।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपादान कारण Material cause, Affluent cause . जो पदार्थ स्वयं कार्य रूप परिणमन करे जैसे घट की उत्पत्ति में मिट्टी।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सचित्त योनि – Sachitta Yoni. Female genital organ. गुण योनि के 9 भेदों में एक भेद; जीव की उत्पत्ति का सचित्त स्थान “
उपादान Motive, Cause of existence of material . अन्तरंग कारण जो द्रव्य तीनों कालों में अपने रूप से और अपूर्वरूप से वर्त रहा है वह उपादान कारण है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्यय – Nishchaya. Absolute conception or belief, determination. परमार्थ की विशेष रूप से तथा संशयादीसे रहित अवधारणा निश्चय कहलाती है, दृढ़ विश्वास, असंदिग्ध अवधारणा “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगमत – एक एकांन्तमत। संख्यादर्षन। Yogamata-name of a philosophy
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोभ (कषाय ) – Lobha (Kashaaya) Passion for prosperity (greed). चौथी कषाय ;इसमें धन सम्पति पाने की तीव्र लालसा या वृद्धि –इच्छा बनी रहती है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्वैर – Nirvaira. Peaceable, enmitiless feelings. सम्पूर्ण प्राणियों से मैत्रीभाव होना अर्थात्किसी से वैर न होना”
उदयादि अवस्थित गुणश्रेणी आयाम A kind of stable geometric progression length related to Karmic destruction. परिणामों की विशुद्धि की वृद्धि से अपवर्तनाकरण के द्वारा उपरितन स्थिति से हीन करके अन्तर्मुहूर्त काल तक प्रतिसमय उत्तरोत्तर असंख्यातगुणित वृद्धि के क्रमसे कर्म प्रदेशों की निर्जरा के लिये जो रचना होती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकृति संक्रमण – Prakrti Samkramana. Transition of karmic species. कर्म की १० अवस्थाओं में एक अवस्था; बंधरूप प्रक्रति का अन्यरूप परिणमन होना “