पालकी!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पालकी – Palaki. Palanquin. एक प्रकार की विशेष सवारी. जिसे मनुष्य लोग कंधे पर रखकर पैदल चलाते हैं. तीर्थंकर भगवान देवों द्वारा लाई गई पालकी में बैठकर दीक्षावन की ओर गमन करते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पालकी – Palaki. Palanquin. एक प्रकार की विशेष सवारी. जिसे मनुष्य लोग कंधे पर रखकर पैदल चलाते हैं. तीर्थंकर भगवान देवों द्वारा लाई गई पालकी में बैठकर दीक्षावन की ओर गमन करते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वराटक कर्म – Varaataka Karma.: A religious act of name installation (related to a small shell or cowrie). कौड़ियों (कपर्दिका) में स्थापना निक्षेप करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पार्श्वनाथचरित्र – Parsvanathacaritra. A book written by Acharya Vadiraj- 2. आचार्य वादिराज द्वितीय (ई. सन् १०२५) कृत एक ग्रंथ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लंबित – कायोत्सर्ग का एक अतिचार, सिर को नीचा करके खडा होना। Lambita-An infraction of meditative relaxation, standing with bowing head
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वप्पिला – Vappilaa.: Mother’s name of Lord Naminath. तीर्थंकर नमिनाथ की माता का नाम ” अपरनाम वर्मिला “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बीजमान – Bijamana. Measuring means for cereals or grains. धान्य मापने के कुडवं आदि बिजमान कहलाते हैं “
द्वंद Conflict, quarrel, tension, Pair, couple. कलह , लड़ाई, युग्म (जोड़ा)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शीलव्रतेष्वनतिचार – Sheelavrateshvanatichaara. Strictly following of virtuous & moral conduct (one of the 16 particular volitions causing Tirthankar Prakriti). तीर्थंकर प्रकृति के बंध में कारणभूत 16 कारण भावनाओं में तीसरी भावना; शीलव्रतों का निरतिचार पालन करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावसेन त्रैविध – Bhavasena Traividya. Name of a famous Acharya, who wrote number of books. मूलसंघ सेनगण के नैयायिक विद्वान आचार्य (ई.श. १३ का मध्य) सिध्दान्तसार, प्रमाप्रमेय, कातंत्र रूपमाला आदि अनेक ग्रंथ रचे “
द्रव्यानुयोग See – Dravya Anuyoga. देखें – द्रव्य अनुयोग। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]