खन्डिका!
खन्डिका A city in north of vijayardh mountain. विजयार्ध की उत्तर श्रेणी का एक नगर, दूसरे नरक का छठा इन्द्रक बिल ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
खन्डिका A city in north of vijayardh mountain. विजयार्ध की उत्तर श्रेणी का एक नगर, दूसरे नरक का छठा इन्द्रक बिल ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विद्या कर्मार्य – Vidya Karmarya. Noble persons having profession of teaching for their livelihood. गणित शास्त्र, आलेख्य, पठन, पाठन आदि ७२ कलाओं द्वारा आजीविका करने वाले आर्य पुरुष “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशालकीर्ति – Vishalakirti. Name of a Bhattarak of Nandi.Group, A disciple of pandit Ashadhar. नंदिसंघ बलात्कारगण नागौर गद्दी के एक भट्टरक, समय – वि. स. १६०१, पं. आशाधरजी के प्रधान शिष्य में एक शिष्य “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिवासुदेव – Prativaasudeva. Another name of Pratinarayana. प्रतिनारायण का अपरनाम “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूतज्ञायक शरीर – Bhutagyaka Sarir. Left body of most learned one (after death). कर्मस्वरूप की जाने वाला जिस शरीर को छोड़ आया है वह भुतज्ञायक शरीर है इसके च्युत, च्यावित, त्यक्त ३ भेद हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिमायोगी मुनिक्रिया – Pratimaayogee Munikriyaa. A type of procedural devotional prayer to be observed by saints involved in deep meditation. कृतिकर्म; सिद्धभक्ति, योगभक्ति, शान्ति भक्तिपूर्वक प्रतिमायोग में रत मुनियों की वंदना करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भिमबाहू – Bhimabahu. The son of Dhratrashtra Gandhari. धृतराष्ट – गांधारी के दो पुत्रों में एक का नाम “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भैंससम:A type of listener who grasps less. श्रोता का एक प्रकार; जैसे भैंसा थोडा सा पानी पीकर बाकी सारा पानी गंदा कर देता है उसी तरह अल्प ग्रहण करने वाले श्रोता “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुख्य गणधर– Mukhya Gandhar. Head of the chief of disciples of Lord. तीर्थंकर के प्रधान शिष्य, जो दिव्यध्वनी का सार दवादवाशांगश्रुत के रूप में जगत को प्रदान कटे है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिबिंबवत् – Pratibinbavata. As similar to an image. प्रतिबिंब के समान “