ख्याति!
ख्याति Glory, Fame. प्रसिद्धि, यश,कीर्ति,प्रतिष्ठा । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पूर्णभद्र (देव) – Poornabhadra (Deva). A type of peripatetic deity of ‘Yaksha jati (caste)’, Name of ruling deity and protecting deity of Purnabhadra summit of Vijayardh and malyavan Gajdant mountains respectively. यक्ष जाति के व्यन्तर देवों (5 क्षेत्रपालों में एक) का एक भेद ” विजयार्ध एवं माल्यवान गजदंत पर्वत स्थित क्रमशः पूर्णभद्र कूट के…
दर्शन (उपयोग) Functional consciousness of conation vision attention. उपयोग का एक भेद , यह पदार्थ को सामान्य, अनाकार (निर्विकल्प) रूप से ग्रहण करता है, इसके चार भेद हैं (चक्षु, अचक्षु, अवधि, केवल)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]] उपयोग का एक भेद; यह पदार्थ को सामान्य, अनाकार (निर्विकल्प) रूप से ग्रहण करता है, इसके ४ भेद हैं (चक्षु,…
खरदूषण The son of Meghprabh. मेघप्रभ का पुत्र ,रावण की बहन चंद्रनखा को हर कर उससे विवाह किया था । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यतिवर वृषभ–Yativar Vrashabh. Those having supreme attributes of Lord Arihant. जो गणधर देव आदि में भी श्रेष्ठ होते है अर्थात् अर्हंत”
खेचर जीव Vidyadhar-those proficient in super power by birth, Sky moving beings. विद्याधर मनुष्य ,आकाश में उड़ने वाले नभचर पक्षी आदि । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विनाश – Vinasha. Destruction, Deterioration. व्यय; पर्याय की सामान्य निवृत्ति का नाम विनाश है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वृंदावना –Vrindavana Name of the poet, the writer of ‘Vrindavan Vilas’ etc. many books. तीस चौबीसी पूजन, वृन्दावन, विलास, प्रवचनसार टिका अर्ह्त्पसकेवली आदि ग्रंथो के रचीयता एक कवि ” समय – ई. १८०३ – १८४८ “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीतराग सुख –VitaragaSukha. Supreme bliss. अनंत सुख ” शुधात्मा के दर्शन से प्राप्त जिनेश्वरों का सुख “