सातिशय मिथ्यादृष्टि!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सातिशय मिथ्यादृष्टि – Saatisaya Mithyaadrsti. Wrong believers who are going to attain right belief. प्रथमोपशम सम्यक्तव के अभिमुख जीव सातिशय मिथ्यादृष्टि कहलाते है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सातिशय मिथ्यादृष्टि – Saatisaya Mithyaadrsti. Wrong believers who are going to attain right belief. प्रथमोपशम सम्यक्तव के अभिमुख जीव सातिशय मिथ्यादृष्टि कहलाते है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पण्य भवन :Palace of Somdev situated in the east of Nandon etc. forests of Sumeru (mountain). सुमेरू पर्वत के नन्दनादि वनों के पूर्व में स्थित सोमदेव का भवन।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वृत्तिपरिसंख्यान –Vrtti. Conduct, Behaviour, Natural tendency. बाह्य तप का एक भेद – आहार को जाते समय अनेक प्रकार की प्रतिज्ञा या आकड़ी लेना “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पक्षपाती श्रोता: Listeners who criticizes or gives wrong favour to one. विपरीत व दृष्टबुद्वि के धारक श्रोता जो विपरीत तत्वों में दुराग्रह करते है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विराधना – Viradhana. Pain, Affiction, Unreverential,Dishonourable. जो परिणाम राध अर्थात् आराधना रहित, है, वह विराधना है ” एकेन्द्रिय आदि जीवों को मारना या कष्ट पहूँचना जीव विराधना या आसदना कहा जाता है “
ऊर्ध्वग्रैवेयक An upper most spatial region. 16 स्वर्ग से ऊपर नौ ग्रैवेयक में सुमनस सौमनस प्रीतिंकर नाम के विमान।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विमलप्रभ – Vimalaprabha. Name of the 4th Jaina-Lord of the past era and name of a protecting peripatetic deity of kshirvar ocean. भूतकालीन चौथे तीर्थकर, क्षीरवरसमुद्र का एक रक्षक व्यंतर देव “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनोत्पन्नसुख – Manotpanna Sukha. Mental pleasure or bliss. मनकेद्वाराउत्पन्नसुख , जैसेहवाआदिकास्पर्शहोना “
ऊर्ध्वचय Loss in basic decreasing series. ऊर्ध्वगच्छ में अर्थत् मूल गुणहानि में चय।[[श्रेणी:शब्दकोष]]