धर्मानुप्रेक्षा!
धर्मानुप्रेक्षा See – Dharma Anuprek¼å. देखें – धर्म अनुप्रेक्षा । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धर्मानुप्रेक्षा See – Dharma Anuprek¼å. देखें – धर्म अनुप्रेक्षा । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सांपरायिक आस्त्रव – Saamparaayika Aasrava. Passionful influx. स्वामी की अपेक्षा आस्त्रव के दो भेदो मे एक भेद। कषाय सहित होने वाले आस्त्रव को साम्परायिक आस्त्रव कहते हैं पहले से दसवें गुणस्थान तक सांपरायिक तक सांपरायिक आस्त्रव होता है। इसके 57 भेद है- 5 मिथ्यात्व, 5 अविरति, 15 प्रमाद, 25 कषाय, 7 योग।
धर्मलक्षण Basic characteristics of religion, Nature of a substance. सम्यग्दर्शन, सम्यग्ज्ञान, स्म्यग्चारित्र- ये धर्म के लक्षण हैं। वस्तु का स्वभाव भी धर्मलक्षणकहा जाता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिष्ठासार संग्रह- एक प्रतिश्ठा सम्बन्धी ग्रंथ का नाम। pratisthasara samgraha – name of ritual treatise
धर्मप्रभावना Propagation of religion. धर्म की प्रभावना करना , समुचित रीति से अज्ञानरूपी अंधकार को हटाकर जैनधर्म की महिमा को फैलाना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिष्ठापना शुद्धि- देष व काल को जानकर नख, रोम, नाक, थमक, वीर्य, मल, मूत्र या देह परित्याग में जन्तु बाधा का परिहार करके प्रवृत्ति करना। pratisthapana suddhi – careful act of excretion
धर्मकथा Religious story. धर्म में दृढ़ करने वाली कथा ; आक्षोपिणी, विक्षोपिणी, संवेदिनी, निर्वेदिनी के भेद से 4 प्रकार की है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धरणा Name of the Ganini (chief Aryika) in the holy assembly of Lord Sheetalnath. शीतलनाथ भगवान के समवशरण की गणिनी (प्रमुख आर्यिका) का नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रदेश उदय- प्रकृति, स्थिति आदि की अपेक्षा उदय का एक भेद; कर्म प्रदेषों का उदय में आना। pradesa udaya – manifestation of karmic space points
धनपाल A type of peripatetic celestials, Name of the writer of ‘Bhavishyadatta Charitra’. यक्ष जाति के व्यंतर देवों के 12 भेदों में नवां भेद, ‘ भविष्यदत्त चरित्र’ प्राकृत के कर्ता।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]