जगच्चन्द्र सूरि!
जगच्चन्द्र सूरि Name of a Shvetambar Jain Acharya. तेरहवीं शताब्दी के एक श्र्चेताम्बर आचार्य ; दिलवाड़ा मंदिर के निर्माता ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जगच्चन्द्र सूरि Name of a Shvetambar Jain Acharya. तेरहवीं शताब्दी के एक श्र्चेताम्बर आचार्य ; दिलवाड़ा मंदिर के निर्माता ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गुरु स्पर्श नामकर्म जिस कर्म के उदय से शरीर भारी हो हो ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जघन्य पद A type of disquisition door ‘Anuyogadvar’ (reg. lowest). २४ अनुयोगद्वारों में एक ब्घेद ; जघन्य विभक्ति ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
ड The thirteenth consonant of the Devanagari syllabary. देवनागरी लिपि का तेरहवाँ व्यजन अक्षर, इसका उच्चारण सथान मूर्घा है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गोदावरी A river of Bharat Kshetra in Arya Khand (region). भरत क्षेत्र आर्यखण्ड की एक नदी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीतराग कथा –Vitaraga Katha. Impartial wise discussion, a witty dialogue or discussion between learned persons. गुरु और शिष्य के बीच या रागद्वेष से विमुख विद्वानों के बीच तत्त्व निर्णय के लिए जो चर्चा चलती है उसे वीतराग कथा कहते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सवस्त्र लिंग – & Savastra Limnga. The female Jian ascetic. अपवाद लिंग अथवा स्त्री (आर्यिका) का लिंग ।
गुरु स्पर्श आचार्य आदि वीतरागी गुरुओं के भक्ति से चरण छूना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]