उपकारी!
उपकारी Beneficent, Good, Kindful. उपकार करने वाला।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्वपर अवभासक – Svapara Avabhaasaka. Something (soul etc.) possessing the knowledge of self and other matters also.स्व और पर को जानने वाला स्व-पर अवभासक कहा जाता है। जैसे दीपक स्वयं को भी प्रकाषित करता है एवं अन्य को भी। अथवा दर्षन के द्वारा आत्म को ग्रहण होता है, तब स्वतः ज्ञान का तथा उसमे…
जयमित्र A saint among 7 particular saints (Saptarishis). सप्तऋषियों में एक मुनि . राम के भाई शत्रुघ्न के शासन काल मने इन सप्तऋषियों के प्रभाव से मथुरा नगरी में फैली महामारी दूर हुई थी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्वतंत्र – Svatammtra. Independent, free, restrictionless.जो पर की अपेक्षा नही करता।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पृच्छा – Prccha. Questioning, Asking, One of the 40 rights for the planning of uncertain holy death by a healthy saint. पूछना, सविचार भक्तप्रत्याख्यान विधि के ४० अधिकारों में २१ वाँ अधिकार; संग्रह से अनुग्रह की अनुज्ञा प्राप्त करना
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्रष्टा – Srastaa. The creator.बनाने वाला, विधि, स्रष्टा, विधाता, दैव, पुराकृत, कर्म और ईश्वर ये सब कर्मरुपी ईश्वर के पर्यायवाचक शब्द है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भगफल्गु – Bhagaphalgu. For both words see – Bhagadatta. दोनों शब्दों के लिए देखें – भगदत्त “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्यादस्ति नास्ति – Syaadasti Nasti. The third Bhang of saptbhangi-exposition of the nature of substance in the aspect of affirmation & negation, eg. The nature of the fire is hot and is not cold.सप्तभंगी का तीसरा भंग-किसी अपेक्षा से है, किसी अपेक्षा से नही है (पदार्थ के धर्म से सम्बन्धित कथन) अर्थात् स्वचतुष्टय (द्रव्य,…
जन्मातिशय Ten extraordinary and super excellences of Tirthankar’s (Jaina Lord’s) birth. तीर्थंकर के जन्म के स्वेद रहितता , निर्मल शरीर आदि १० अतिशय ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]