नियुत!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नियुत – Niyuta. A time unit. काल का प्रमाण विशेष, 84 लाखनियुतांग प्रमाण काल “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नियुत – Niyuta. A time unit. काल का प्रमाण विशेष, 84 लाखनियुतांग प्रमाण काल “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुर – Sura. Ton (of the voice of musical instrument), a tune, A type of deities involved in good deeds. सुरीली ध्वनि, देव, जिनकी अहिंसा आदि के अनुष्ठान में रवि है वे सुर कहलाते है। इनके विपरीत असुर कहलाते है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पारिषद्देव – Parisadadeva. Friendly deities of a council. इन्द्र सभा के सदस्य देंव, जो सभा में मित्रवत् होते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजवलिकथे – ई 1839 में रचित कथानंुयोग विशयक या कन्नड कृति। Rajavalikathe-name of a kannad book
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुमंदर – Sumamndra. Name of a mountain of Bharat Kshetra (region) भारत क्षेत्र का एक पर्वत ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पारमार्थिक – Paramarthika. Having to do with supreme truth or spiritual reality. सर्वोपरि सत्य अथवान उत्कृष्ट अर्थ की सिद्धि करने वाला “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रवीन्द्र कुमार बह्यचारी – गणिनिप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के एक प्रमुख षिश्य जम्बद्वीप रचना हस्तिनापुर के प्रमुख स्तम्भ।सन् 1972 में आजन्म ब्रहमचार्य व्रत लेकर क्रमष घर्मक्षेत्र में अथक परिश्रम करके माताजी की प्रेरणा से जम्बुद्वीप हस्तिनापर, तपस्थली प्रयाग, कुण्डलपुर, मांतुगा, अयाध्या एवं अनेक तीर्थ क्षेत्रो का विकास करते हुए जैन धर्म की संस्क्ति का…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लेप्यकर्म – lepyakarm.: Preparing statues by soil , sand , grass etc. त्रण , बालू , मिट्टी आदि से प्रतिमायें निर्मित करना लेप्यकर्म कहा जाता है “
आमंत्रणी Inviting language. आठ प्रकार के अनुभयवचन में पहली भाषा-बुलवाने वाले वचन।[[श्रेणी:शब्दकोष]]