उत्कीरण काल!
उत्कीरण काल Destructional or reducing period of Karmic powers. कुल अनुभाग के काण्डपक करके उन्हें घातार्थ जिस अन्त र्मुहूर्त काल में स्थाकपित किया जाता है, उसे उत्कीrरण काल कहते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उत्कीरण काल Destructional or reducing period of Karmic powers. कुल अनुभाग के काण्डपक करके उन्हें घातार्थ जिस अन्त र्मुहूर्त काल में स्थाकपित किया जाता है, उसे उत्कीrरण काल कहते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उछाव Rejoicing, festivity, ceremony. उत्सव धर्मप्रभावना रूप् रथयात्रा इत्यादि को भी उछाव कहा जाता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
इष्ट वियोगज Origination of sorrow by the separation of desired one. इष्ट पदार्थ के वियोग होने पर उत्पन्न होने वाला दुःख। उसकी प्राप्ति की सतत चिन्ता करना दूसरा आत्र्तध्यान है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आप्तपरीक्षा A book written by ‘Acharya Vidyanandi’. आचार्य विद्यानन्दि (ई. 775-840) द्वारा रचित ईश्वर परीक्षा विषयक न्याय ग्रंथ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उच्चगोत्र कर्मप्रकृति A type of karmic nature (reg. higher status). वह कर्म जिसके उदय से लोक पूजित या लोक मान्य कुल में जन्म हो।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आबाधा काण्डक Time – lag split (reg. Karmic theory). कर्मस्थिति के जितने भेदों में एक प्रमाण वाली आबाधा है उतने स्थिति के भेदों को आबाधाकाण्डक कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आर्य कूष्मांड देवी A supernatural power. एक विद्याधर विद्या का नाम।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
ईश्वरवाद Deism, Theism (related to faith in God). एक एकांत मत जो आत्मा को ज्ञान रहित व अनाथ एंव आत्मा के सुख-दुख स्वर्ग-नरकादि सर्व ईश्वर द्वारा किया मानता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तेरहपंथ A division of Jain (Digambar) religious comm-unity. दिगम्बर जैन सम्प्रदाय का एक विभाग । वर्तमान में दिगम्बर परम्परा में बीसपंथ और तेरहपंथ दो परम्पराएँ प्रचलित है। इनमें से बीसपंथ आगम सममत क्रियाओं को मानने वाला प्राचीन पंथ है एंव तेरहपंथ अनुमानित 400 वर्ष पूर्व कतिपय विद्वानों द्वारा स्थापित किया गया एक नया पंथ है।…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रीकूट – Shreekoota. The 6th summit of Himvan Kulachal (mountain), Name of the 33rd city in south of Vijayardh mountain. हिमवान कुलाचाल का छठा कूट, विजयार्थ की दक्षिणश्रेणी का 33वां नगर “