धर्मपरीक्षा!
धर्मपरीक्षा A book written by Acharya Amitgati. आचार्य अमितगति द्वारा वि. 1070 में रचित एक ग्रंथ या कथानक। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धर्मपरीक्षा A book written by Acharya Amitgati. आचार्य अमितगति द्वारा वि. 1070 में रचित एक ग्रंथ या कथानक। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भविष्यकाल – Bhavisyakala. Future time. काल का एक भेद; अनागत काल , यह सर्व जीव राशि व सर्व पुददगलराशि से अनंतगुणा है “
धर्म(स्वभाव) The real nature of an element. वस्तु का स्वभाव ही धर्म है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] व्यंतर लोक –Vyaintara Loka. The world of peripatetic deities. चित्रा और व्रजा पृथिवी की मध्यसंधि से लगाकर मेरु पर्वत की ऊंचाई तक तथा तिर्यकृ लोक के विस्तार प्रभाव लम्बे – चौड़े क्षेत्र को व्यंतर लोक कहते है जहाँ व्यंतरदेवो के भवन, भवनपुर और आवास होते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचशरीर – Panchashareera. Five specified kinds of bodies having peculiar attributes. ओदारिक, वैक्रियिक, आहारक, तैजस, कार्मण शरीर “
धनवन्तरि The semi god of health. स्वास्थ्य के देवता, मेरूदत्त सेठ के आयुर्वेदिक परामर्शदाता।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यंत्रपीडन जीविका– Yantrapirana Jivika . Livelihood by milling or crushing oil seeds. तेल निकालने के लिए कोल्हू चलाना या सरसों तिल आदि को कोल्हू में पिलवाना, तिल वगैरह देकर बदले में तेल लेना आदि इस तरह की आजीविका”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचमस्वर – Panchamaswara. Fifth note of vocal sound (like as cuckoo sound). संगीत का एक स्वर; मुख देश में स्थित स्वर (कोयल पंचम स्वर से कूजती है) “
धनद कलश व्रत A vow of worshipping Lord Arihant with all 8 auspicious Dravyas (articles). व्रत भाद्रपद कृ. 1 से 15 तक पूरे महीने प्रतिदिन चन्दनादि मंगलद्रव्ययुक्त कलशों से जिनभगवान् का अभिषेक व पूजन करना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
उर्वक Infinite time increase . अनंत भाग वृद्धि की उर्वक अर्थात् उ संज्ञा।[[श्रेणी:शब्दकोष]]