नृत्यमंडप!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नृत्यमंडप – Nrityamandapa. Dancing court in temple etc. मंदिर, चैत्यालय आदि में नृत्य के लिए स्थान “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नृत्यमंडप – Nrityamandapa. Dancing court in temple etc. मंदिर, चैत्यालय आदि में नृत्य के लिए स्थान “
देहत्रय Three kinds of body. औदारिक , तैजस , कार्मण ये तीन शरीर।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नीलकंठ – Neelakantha. Name of the 3rd predestined Pratinarayan of Bharat Kshetra (Region). भरतक्षेत्र के आगामी तीसरे प्रतिनारायन “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संयमभाव – Sanyamabhaava. Restraintful temperament. उपशम भाव से धारण किये गये व्रतादि संयम भाव को प्राप्त हो जाते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिवभूति – Shivabhooti. A Digambar Jaina saint, who got omniscience ultimately on knowing the principle of sperateness of soul & body. शिवाभूति ने जिनकल्प (दिगम्बरता) को स्वीकार किया था और ज्ञानावरणी कर्म के उदय से इन्हें कुछ याद नहीं रहता था पुनः ‘तुषमाष भिन्न’ इस सूत्र का चिंतन करते हुए आत्मा और शरीर को…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नीचकुल – Neechkula. Low caste group. निंद्य कुल जहाँ प्रायः आचार-विचार हीन रहते है “
चातुर्दीपिक भूगोल The name of an ancient composition of geography. एक भूगोल जो रायकृष्णदास जी के लेख के अनुसार वैदिक धर्मं में मान्य सप्तद्वीपिक भूगोल से अधिक प्राचीन है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचन शुद्धि –Vachan Shuddhi Polite & wise speech. पीडादायक , कठोर या असभ्य वचन नहीं बोलना तथा हित मित मधुर वचन बोलना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बुद्धिल – Buddhila. Name of great Acharya possessing knowledge of 11 Angas & 10 Purvas. वीर निर्वाण के पश्चात् हुए १० पूर्व एंव ११ अंग धारी ११ मुनियों में ९ वें मुनि , अपरनाम बुद्धिलिंग था “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यज्ञोपवीत–Yagyopavit. Sacred thread (used for sanctifying or purificatory rites). एक संस्कार; चक्रवर्ती भरत ने 11 प्रतिमाओ के विभाग से वृतो के चिन्ह स्वरुप एक से लेकर 11 तार के सूत्र व्रतियो को दिये थे, जनेऊ; रत्नत्रय एवं सात परम स्थानो का सूतक 3 व 7 तारो का सूत्र” सभी पूजन–दान आदि क्रियाओ में…