संयतासंयत!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संयतासंयत – Sanyataasanyata. One having control & restraints with minor vows. एकदेश रूप व्रतों के या अणुव्रत के धारक जीव ” व्रती श्रावक, क्षुल्लक व ऐलक ये संयतासंयत कहलाते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संयतासंयत – Sanyataasanyata. One having control & restraints with minor vows. एकदेश रूप व्रतों के या अणुव्रत के धारक जीव ” व्रती श्रावक, क्षुल्लक व ऐलक ये संयतासंयत कहलाते हैं “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मौलि– Mauli. Crown with great lustre possessed by celestial beings. दैदीप्यमान मुकुट,इसेस्वर्ग के देव धारण करते है”
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वयंवर – Svayammvara. An ancient tradition of choosing a bridegroom by a bride, father’s name of the 4th Jaina Lord Abhinandannath. एक प्राचीन कथा- एक राजकुमारी द्वारा अपने पति का चुनाव करना, अयोध्या नगरी के राजा, इनकी रानी सिद्वार्था थी और चैथे तीर्थकर अभिनन्दननाथ भगवान के पिता थे।
गंधकुटी Seat of Lord in Samavashran – the holy assembly of Jaina lord. समावशरण के मध्य भगवान के बैठने का स्थान । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संततता – Santatataa. Continuance, Iteration, Tradition. निरंतर, संतत, परम्परा “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वभाव सिद्व – Svabhaava Siddha. . Self proved or identified matter. अहेतुक या स्वतः सिद्व। जैसे वास्तव मे द्रव्यो मे द्रव्यान्तर की उत्पत्त्ति नही होती, क्योकि सर्व द्र्रव्य स्वभाव सिद्व है उनकी स्वभाव सिद्वता अनादि से है।
देशातिचार A type of infraction related to mind, speech and body. अतिचार का एक भेद मन, वचन, काय तथा कृत, कारित, अनुमोदना के भेद से देशातिचार अनेक प्रकार का है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्य प्राण – Bahya Prana. All valuable articles to be very dear to a person. लोक में स्वर्ण, धन आदि जितने भी पदार्थ हैं वे सब प्राणियों को अत्यंत प्रिय होने के कारण बाह्य प्राण कहलाते हैं “
देवकी The mother’s name of Lord Krishna. कंस की बहन जो वसुदेव को विवाही गई, कृष्ण की माता।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भव्यत्व भाव – Bhvyatva Bhava. Worthy feeling for salvation. जीव के पारिणामिक भाव का एक भेद ” देखें – भव्यत्व “