जघन्य अनंतानंत!
जघन्य अनंतानंत A measure of infinite numbers. जघन्य युक्तानन्त का वर्ग ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जघन्य अनंतानंत A measure of infinite numbers. जघन्य युक्तानन्त का वर्ग ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तत्वार्थ सूत्र वृत्ति A book written by Bhaskarnandi. ई. सन् 1296 में भास्कर नन्दि कृत एक ग्रंथ। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
द्रव्य लिंग Physical sign or appearance (related to a saint). बाहरी भेष, साधु का बाहरी चिन्ह, परिग्रह रहित व पिच्छी कमण्डलु सहित होना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
जगतुंग A king of Rashtrakuta dynasty. राष्ट्रकूट वंश का एक राजा , राज्यकाल (ई. १८०७) , अमोघवर्ष प्रथम के पिता ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तडिदवक्त्र The king of Vidyadhars. विद्याधरों का राजा, राम का पक्षधारी। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
द्रव्य पाप Sinful nature of Karmas (substantive sin). कर्म की पाप रूप 100 प्रकृतियां ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
जम्बूवृक्ष Blackberry tree, The first island of middle universe is called Jambudvip on the name of this natural (Akratrim) tree, Initiation tree of Lord Vimalnath. जामुन का वृक्ष ; अकृत्रिम जम्बूद्वीप रचना के अनुसार सुमेरू पर्वत की उत्तर दिशा में उत्तरकुरु भोगभूमि में स्थित पृत्वीकायिक एक अकृत्रिम वृक्ष. इसके नाम पर ‘जम्बूद्वीप’ का नाम सार्थक…
ततप्रदोष Jealousy, Spite (a fault). ज्ञानावरण, दर्शनावरण कर्म के आस्रव का एक कारण तत्वज्ञान के उपदेश कर्ता के प्रति सुख से कुछ न कहते हुए हृदय में ईर्ष्या रखना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
द्रव्य ध्येय To concentrate mind on the virtuous matters. अध्यात्म वेत्ताओं के अनुसार 4 प्रकार के ध्येय पदार्थों में एक सत् या गुणपर्यायवान् पदार्थ में एकाग्र होना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
जंतु Living beings of lower level; insects etc. चतुर्गतिरूप संसार की नाना योनियों में जन्म धारण करने वाले जीव ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]