सम्यक्तव!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सम्यक्तव – Samyaktva. Right faith or right belief. प्रमाण के द्वारा जाने हुए तत्वो का श्रद्वान। देखे- सम्यग्दर्शन।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सम्यक्तव – Samyaktva. Right faith or right belief. प्रमाण के द्वारा जाने हुए तत्वो का श्रद्वान। देखे- सम्यग्दर्शन।
चिदानंद Supernatural enjoyment, bliss. एटीएम अनुभव या आत्मा का आनंद ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सम्मेदशिखर – Sammedashikhara. The eternal & great reverential place of pilgrimage of Jains, which is the salvation place of 20 Tirthnkars (Jaina Lords) of the present era. शाश्रत तीर्थराज; अनादिकाल से अनंत तीर्थकरो की निर्वाणभूमि एंव वर्तमान चैबीसी मे भगवान आदिनाथ, वासुपूज्य, नेमिनाथ और महावीर को छोड़कर शेष बीस तीर्थकरो की निर्वाणभूमि। इस महान…
धर्मशर्माभ्युदय Name of two books (1) written by poet Asag (2) written by poet Harichand. कवि असग (ई. 988) कृत धर्मनाथ तीर्थंकर चरित, कवि हरिचन्द (ई. 10 का मध्य) कृत एक संस्कृत काव्य। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
छंदन Observance according to the will of spiritual teacher-’Acharya’. ग्रहण किए हुए पुस्तक आदि उपकरणों में , विनय के काल में , वंदना- सूत्र के अर्थ को पूछना इत्यादिक में आचार्य आदि की इच्छा के अनुकूल वर्तना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समुदघात – Samudghaata. Extrication of soul-points from the body without leaving the body, there are 7 kinds of it. वेदना आदि के निमित्त से मूल शरीर को नही छोड़ते हुए जो जीव के कुछ आत्मप्रदेष शरीर से बाहर निकलते है उसे समुद्धात कहते है। इसके 7 भेद है- वेदना, मारणान्तिक, वैक्रियिक, तैजस, आहारक और…
धर्म भावना See – Dharma Anuprek¼å. देखें – अनुप्रेक्षा । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भीष्म पितामह – Bhishma Pitamaha. A great warrior of Mahabharat. धृतराज के भाई, महाभारत के प्रमुख पात्र, अपरनाम- गांगेय “
धर्मघोष A writer of ‘Chintamani Parshvanath Kalp’ etc. चिंतामणी पाश्र्वनाथ कल्पादि के कर्ता। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चित्प्रकाश Spiritual consciousness. सवसंवेदन, अंतर्मुखचित्प्रकाश दर्शन है एवं बहिर्मुख चित्प्रकाश ज्ञान है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]