दोष- दषर्शन!
दोष- दषर्शन Viewing defects of one. अवगुणों और गलतियों को देखना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दोष- दषर्शन Viewing defects of one. अवगुणों और गलतियों को देखना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वनखंड – Vanakhand : Forest. जंगल अथवा भद्रशाल आदि वनों को भी वनखंड संज्ञा है जो कि बहुत सुन्दर बगीचे हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाहुबली (कवि) – Bahubali (Kavi). A Kannad poet, the writer of ‘NagkumarCharitra’. नागकुमार चरित्र के रचियता एक कन्नड़ कवि (ई. सून १५००) “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विमानवासी देव – Vimanavasi Deva. Celestial beings who live in Vimans of 16 heav-ens. वैमानिक देव, जो विमानों में रहते हैं और अपने को पुण्यशाली समझते हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] व्यतिक्रम – Vyatikrama. Transgression, Crossing the barriers of vows with passional longings. उल्लंघन, अतिक्रमण ” शील व्रतों का उल्लंघन या विषयों की अभिलाषा करना व्यतिक्रम कहलाता हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विमोह – Vimoha. Confusion, bewilderment. परस्पर सापेक्ष द्रव्यार्थिक, पर्यायार्थिक नयों के अनुसार द्रव्य, गुण, पर्याय आदि को नहीं जान पाना विमोह कहलाता है ” अथवा शाक्य – बुध्द आदि द्वारा कथित वस्तु में निश्चय करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भगवती – Bhagavati. A type of super power, Other name of Jaina – initiation. बहुरुपविधायिनी एक विघा ” जिन दीक्षा को भी भगवती दीक्षा कहते हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विनय तप – Vinaya Tapa. To Pay reverence to spiritual personalities with full purity. आभ्यंतर तप के ६ भेदों में एक भेद; मन, वचन और काव्य की शुध्दिपूर्वक दर्शन, ज्ञान, चारित्र, तप और वीर्य तथा इनके धारी योगियों के प्रति विनय करना ” विनय ४ प्रकार का है – दर्शन, ज्ञान, चारित्र…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावकरण – Bhavakarana. Another name for Karan Labdhi (efficiency attainment). करणलब्धि का दूसंरा नाम ” यह पांचवी लब्धि है “