तर्क संग्रह!
तर्क संग्रह A book written by Shivaditya. वैषेषिक साहित्य प्रवर्तक शिवदित्य का एक ग्रंथ। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तर्क संग्रह A book written by Shivaditya. वैषेषिक साहित्य प्रवर्तक शिवदित्य का एक ग्रंथ। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुषमा काल – Sushamaa Kaala. Pleasant period of woridily cycle ( the 2nd of Avasarpini Kal & the 5th of Utsarpini Kal According to Jaina Philosoph) अवसर्पिणी के द्वितीय काल और उत्सर्पिणी के पंचम काल का नाम । इसमें मध्यम भाग भूमि रहती हैं एवं इसका समय 3 कोड़ाकोड़ी सागर का है। इस काल…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पावागिरि (तीर्थ) – Pavagiri (Tirtha). Name of a Jain place of pilgrimage near Una (dist. Khargon, M.P.). It is the salvation- place of Svarnabhadra etc. 4 Munis (saints). मध्यप्रदेश के जिला खरगौन में ऊन नामक स्थान से दो फलांग दूर स्थित एक सिध्दक्षेत्र. यहाँ से स्वर्णभद्र आदि चार मुनि निर्वाण को प्राप्त हुए हैं….
तरेप्पन क्रिया वृत Union or association with youngs (which is prohibited in relation to observing celibacy). श्रावक की 53 क्रियाओं के वृत – अष्टमूलगुण , बारह व्रत, बारहि तप, समता भाव, ग्यारह प्रतिमाएं, चार दान, पानी छानकर पीना, रात्रि भोजन त्याग, सम्यग्दर्शन सम्यग्ज्ञान आसैर सम्यग्चारित्र के वृत । इनकी विधिस ग्रंथों में देखें। [[श्रेणी: शब्दकोष…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वर्गणाशलाका – Varganaashalaakaa.: Counting of variforms in the group of variforms. Variform (Vargana) means aggregate grouping of Karmic Molecules. एक स्पर्धक की जो वर्गणाओं का प्रमाण है वह वर्गाणा शलाका है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पार्श्वपुराण – Parsvapurana. Name of books written by different Acharyas. पद्मकीर्ति (ई. ९४२), वादिराज (ई. १०२५) आदि कई आचार्यो द्वारा रचित इस नामक ग्रंथ हैं “
तर्क Argument, Inductive reasoning, Logic. उपलब्धि और अनुपलब्धि की सहायता से होने वाला व्याप्तिज्ञान जैसे – धुएँ को देखकर अग्नि का ज्ञान होना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वरचंद्र – Varachandra: Name of the 6th predestined Balbhadra,Name of the son of Lord Chandraprabh in His worldly life. आगामी छठा बलभद्र ,तीर्थंकर चन्द्रप्रभ का एक पुत्र .इसे राज्य सौंपकर ही वह दीक्षित हुए थे “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] न्याय – Nyaaya. Verdict or jisticce. क़ानून, इंसाफ, सच्चाई, निर्णय या जिसके द्वारा निश्चय किया जाये ऐसी नितिक्रिया का करना न्याय कहा जाता है”
तपशुद्धि Purity through austerity. सदा संयम, समिति, ध्यान और योगों में प्रमाद रहित होते हुए तपश्चरण तथा तेरह प्रकार के चारित्र में उद्यमी रहने हुए पापों का नाश करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]