राजकथा!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजकथा – विकथा के 25 भेदो मे से एक भेद, राजाओं एवे उनकी राजव्यवस्था आदि से सम्बन्धित चर्चा करना। Rajakatha-Gossip pertaining to King & kingdom
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजकथा – विकथा के 25 भेदो मे से एक भेद, राजाओं एवे उनकी राजव्यवस्था आदि से सम्बन्धित चर्चा करना। Rajakatha-Gossip pertaining to King & kingdom
खातफल A measure unit, Volume. क्षेत्रफल को गहराई से गुणा करने पर खात फल होता है । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मौक्तिक प्रशस्त निदान–Mauktik Prashast Nidan. To desire for the state of ommiscience. कर्म नाश, संसार के दुखो की हानि व केवलज्ञान का इच्छा रूप निदान”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगशल्य – षल्य का एक भेद, असंयम में प्रवृत्ति होना। Yogasalya-uncontrolled conduct (A type of Sting)
खातिका Name of the 2nd auspicious land of Samavsharan -the holy assembly of Jaina Lord. समावशरण की द्वितीय भूमि । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
आटे का मुर्गा Name of a religious novel containing the greatness of non-violence written by Ganini Aryika Shri Gyanmati Mataji. गणिनी आर्यिका ज्ञानमति माताजी द्वारा रचित एक धार्मिक उपन्यास। जिसमें राजा यशोधर द्वारा मात्र आटे के मुर्गे की बलि दिये जाने से अनेक जन्मों तक उठाये गये दुःखों का वर्णन है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रैन मंजुशा – हंसद्वीप के राजा कनककेतू की पुत्री का नाम। सहस्त्रकूट चैत्यालय के कपाट खोलने से श्रीपाल से विवाही गई थी। Raina Manjusa-The daughter of king Kanakaketu of Hansdvip (island)
खड्गासन A type of meditative relaxation, A posture of meditation, Salvation posture of Lord Mahavir. कायोत्सर्ग ; दोनों हाथ लंबे लटकाकर ४ अंगुल के अंतर से पगों को रखकर सीधा ध्यानरूप खडा होना. भगवान महावीर ने इसी खड्गासन मुद्रा से मोक्ष प्राप्त किया था ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भवपरिवर्तन – Bhavaparivartana. Transmigration, Rebirth cycle. पंचपरावर्तन में एक परिवर्तन; देवलोक के ९ अनुदिश, ५ अनुत्तर इन १४ विमानों को छोडकर शेष चारों गतियों में गमनागमन भव परिवर्तन कहलाता हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नराशि – चमकते हुए रत्नो का ढेर जो कि तीर्थकर की माता को 15 स्वप्न के रूप् मे दिखाई देते है जिसका अर्थ पुत्र गुणों की खान होगा। Ratnarasi- Sparkling jewels (the 15th dream mark of lord’s mother)