देहप्रमाणत्व शक्ति!
देहप्रमाणत्व शक्ति Ultimate power of a body (reg. occupancy). अतीत अनन्तर (अन्तिम) शरीरानुसार अवगाह परिणामरूप देहप्रमाणपना होना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
देहप्रमाणत्व शक्ति Ultimate power of a body (reg. occupancy). अतीत अनन्तर (अन्तिम) शरीरानुसार अवगाह परिणामरूप देहप्रमाणपना होना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शांतिकीर्ति – Shantikeerti. The disciple of Meghchandra of nandi group; Namr of a Kannad poet, the writer of Shantinaatha. नंदिसंघ बलात्कारगण, मेघचंद्र के शिष्य मेरुकीर्ति के गुरु, समय – ई. 705-720 ” शांतिनाथ पुराण के रचियता एक कन्नड़ कवि, समय ई.- 1519 “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय अनुप्रेक्षा – Nishchaya Anuprekshaa. Reflection about absolutsim (knowledge of soul is Supreme). मुनि अवस्था में शुद्ध निश्चय नय से आत्मा का स्वरुप देवादिपर्यायोंसे रहित ज्ञानस्वरूप मात्र है इस तरह का चिंतन करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संवत्सर – Sanvatsara. Subtitle of different eras. जैनागम में मुख्यतः 4 संवतों का प्रयोग पाया जाता हैं; वीर निर्वाण संवत, विक्रम संवत, ईसवी संवत, शक संवत ” वीर निर्वाण से विक्रम संवत में ४७० वर्ष , ईसवी संवत में ५२७ वर्ष एवं शक संवत में ६०५ वर्ष का अंतर आता हैं ” इसी प्रकार…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोहागल –Lohaagal The 11th city of the southern Vijayardha mountain . विजयार्ध की दक्षिण श्रेणी का 11वां नगर “
देशोपशम A type of partial subsidence (related to Karmic theory). उपशम का एक भेद; सम्यक्त्व प्रकृति संबंधी देशघाती के उदय को देशोपशमना कहते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्व्याकुल चित्त – Nirvyaakula Chitta. Mind free from all agitations. सुख; शांत मन अर्थात् व्याकुलताओं से रहित मन “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैश्रवण –Vaisravana A name for Kuber, Name of a city of southern Vijayardh mountain, Name of a mountain at the southern bank of river, Sita कुबेर का एक नाम, विजयार्ध की दक्षिण श्रेणी का एक नगर, सीता नदी के दक्षिण तट पर वक्षार पर्वत “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्वेगिनी कथा – Nirveginee kathaa. Story which produces feelings of asceticism or datachment. 4 धर्मकथाओं में एक कथा–संसार, शरीर और भोगों में वैराग्य को उत्पन्न करने वाली कथा ” अपरनाम-निर्वेजनी कथा “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संमूर्च्छन जन्म – Sammoorchchhana Janma. Spontaneous birth (formation of body organs or limbs by surrounding matter). जन्म के तीन भेदों में एक भेद; तीन लोकों में सर्वत्र बिना माता-पिता के सम्बंध से सब ओर से पुद्गलों को ग्रहण करके जो शरीर की रचना हो जाती है उसे संमूर्च्छन जन्म कहते हैं ” देखें- संमूर्च्छन…