तदभार्य!
तदभार्य Servant. सेवक।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चलशव A title for the saints having wrong conceptions or belief. मिथ्यादृष्टि साधु की उपाधि ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सम्यग्दर्शनार्य – Samyagdarshanaarya. A type of aryas (noble persons). ऋद्वि रहित आर्य के 5 भेदो मे एक भेद। आज्ञा, मार्ग, उपदेष, सूत्र, बीज, सूत्र, संक्षेप, विस्तार, अर्थ, अवगाढ़, परमावगाढ़ रुचि के भेद से दर्शनार्य के 10 भेद है।
तदाहृतादान Purchasing of stolen materials. अचैर्याणुवृत का एक अतिचार, चोर से चोरी का माल खरीदना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थविर कल्पी – Sthavira Kalpii. One observing asceticism under the guidance of senior Acharya (saint).जो साधु एकलविहारी नही हो सकते है एवं स्थविर कल्प मे स्थिर रहते है वे स्थविर कल्पी कहलाते है। उत्तम संहनन वाला, परिषह विजयी, सिद्वान्त का ज्ञाता तपस्वी ही एकलविहारी अर्थात् जिनकल्पी होता है।
टंकोत्कीर्ण Something engraved, An adjective word for pure soul. टाँकी से उत्कीर्ण अक्षर, चित्र आदि। आत्मा के ज्ञायक स्वभाव को टंकोत्कीर्ण के समान कहा है। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
चतुर्द्वीप India, Seediya, Baiktriya & Sariyana all four countries are togetherly called ‘Chaturdvip’. भारत की सीमा पर स्थित देश सीदिया , बैक्ट्रिया , सरियाना एवं भारत , चारों मिलकर चतुर्द्वीप कहलाते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
त्रिभुवनकीर्ति Name of an Acharya and a Bhattarak. नन्दिसंघ बलात्कारगण शुभचन्द्र आम्नाय (वि. 1499-1538) सूरत गद्दी के एक भट्टारक , काष्ठा संघ के एक आचार्य। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तत्वरूचि Reverence with interest for tattvas. सम्यग्दर्शन तत्व श्रद्धान या ततवों के प्रति रूचि होना। [[श्रेणी:शब्दकोष]]