राज श्रीपाल का राज जामाता होनेसे चिंता, श्रीपाल एवं मैनासुन्दरी का वार्तालाप
७ – राज श्रीपाल का राज जामाता होनेसे चिंता, श्रीपाल एवं मैनासुन्दरी का वार्तालाप राजा श्रीपाल मैनासुंदरी के साथ उज्जैन में सुखपूर्वक अपना समय व्यतीत कर रहे थे, एक बार रात्रि में श्रीपाल की निद्रा भंग हो गई और वे गहरी चिंता में निमग्न हो गए। इसी मध्य मैनासुंदरी की निद्रा भी भंग हो गई…