मौसम का प्रभाव कहीं कर न दे बेहाल खांसी हो जाना या कफ की शिकायत होना आम बात है। परिवार का कोई न कोई सदस्य किसी न किसी कारण से उसकी लपेट में आ ही जाता है। हमें खांसी व कफ के घरेलू उपचारों की पूरी जानकारी रहनी चाहिए, ताकि जब भी जरूरत पड़े तो…
रोगनाशक है शंखध्वनि वैज्ञानिक अनुसंधानों से अब यह सिद्ध हो गया है कि शंख और घंटे की ध्वनि से रोग के कीटाणुओं का नाश होता है। प्रति सेकेण्ड २७ घनफुट शक्ति को जोर से बजाये गये शंख की ध्वनि २०० फुट की दूरी के वैक्टीरिया को नष्ट कर डालती है। शंख ध्वनि से हेजा, मलेरिया…
”यह भी अनुभव करें ……….” गुड स्वास्थ्य के लिए चीनी से अधिक स्वास्थ्यप्रद है। खाँसी में दूध पीना बंद नहीं करना चाहिए। चोट लगने, जलने, बुखार इत्यादि में भोजन अधिक मात्रा में लेना चाहिए। दही, गन्ने का रस निमोनिया में देने में कोई हानि नहीं होती। दाल से गैस नहीं बनती। बीमारी में दाल…
श्री शांतिनाथ चक्रवर्ती कुरुजांगल देश की हस्तिनापुर राजधानी में कुरुवंशी राजा विश्वसेन राज्य करते थे। उनकी रानी का नाम ऐरावती था। भगवान शांतिनाथ के गर्भ में आने के छह महीने पहले से ही इन्द्र की आज्ञा से हस्तिनापुर नगर में माता के आंगन में रत्नों की वर्षा होने लगी और श्री, ह्री, धृति आदि देवियाँ…
द्रौपदी स्वयंवर एवं पाण्डव वनवास किसी समय शौर्यपुर में राज्य करते हुए राजा समुद्रविजय के राजमहल में रानी शिवादेवी के आँगन में सौधर्म इन्द्र की आज्ञा से कुबेर ने रत्नों की वर्षा करना शुरू कर दिया। प्रतिदिन साढ़े बारह करोड़ रत्न बरसते थे। महाराज समुद्र- विजय इन रत्नों को याचकों को बाँट देते थे। श्री,…
सेहत के नुक्से फटाफट दंत रोग : दंत रोग में जामुन काफी लाभदायक है। चाहे दांत हिले या दांत में दर्द हो या मसुड़ों से खून बहता हो, जामुन की २५-३० हरी पत्तियों को डेढ गिलास पानी में अच्छी तरह से गर्म करके रख लें, इस पानी से दिन में दो-तीन बार कुल्ला करें,…
अखबारों के माध्यम से हृदय रोगी हौसला रखें हृदय रोगों का एक मुख्य कारण आनुवांशिक है। इसके अलावा तनाव और अन्य मानसिक परेशानियों के कारण भी हृदय रोगों के मामले बढ़ रहे हैं। मौजूदा समय में आनन-फानन में तैयार होने वंाले फास्ट फूड, वसा युक्त खाद्य पदार्र्थो, अत्यधिक मीठी वस्तुओं और डिब्बाबंद खाद्य सामग्रियों का…
नियमसार की टीकायें नियमसार की टीकायें नियमसार की उपलब्ध निम्न टीकायें मेरे संज्ञान में आई हैं। आ० पद्मप्रभ मलधारी देव कृत तात्पर्यवृत्ति टीका:- आचार्य पद्मप्रभ अध्यात्म के अत्यन्त रसिक एवं संस्कृत भाशा के तलस्पर्षी विज्ञ आचार्य थे। वे गद्य पद्य रचना के सिद्ध सारस्वत थे। आप संभवतः 12वीं “ती के एवं समयसार की तात्पर्यवृत्ति टीका…
विज्ञान ने माना, धर्म देता है स्वस्थ व लंबा जीवन पूरे १०० साल स्वस्थ रहकर जीने का फार्मूला विज्ञान नहीं, अध्यात्म के पास है। आध्यात्मिक जीवन शैली अपनाने वाले लोग आज भी शतायु होते हैं। यह तथ्य वैज्ञानिक शोधों से भी अब साबित हो गया है। अमेरिका में हुए एक ताजे रिसर्च के अनुसार विश्व…