अहिच्छत्र तीर्थ पूजा
अहिच्छत्र तीर्थ पूजा रचयित्री-आर्यिका चन्दनामती स्थापना (शंभु छंद) तीर्थंकर प्रभु श्री पार्श्वनाथ, उपसर्गविजेता कहलाते। इसलिए पार्श्र्व प्रभु संकट मोचन, चिंतामणि हैं कहलाते।। उनकी उपसर्ग विजय एवं कैवल्यभूमि अहिच्छत्र जजूँ। तीर्थंकर पद की प्राप्ति हेतु, उनकी कल्याणकभूमि नमूँ।।१।। दोहा आह्वानन स्थापना, करूँ प्रथम हे नाथ! नंतर सन्निधिकरण कर, पूजूँ तीर्थ…