बन्ध सान्त!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बन्ध सान्त- जि कर्म प्रकृतियों का बंणना आगे के लिए रुक गया है। Bandha Santa- binding of karmas with end
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बन्ध सान्त- जि कर्म प्रकृतियों का बंणना आगे के लिए रुक गया है। Bandha Santa- binding of karmas with end
उत्पाद-व्यय-ध्रौव्य Production, destruction & permanence (these are three characteristics of matter). उत्पत्ति विनाश और ध्रुवत्य (स्थाईपना) जो द्रव्य के तीन लक्षण होते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आत्मरक्ष Deities like body guards. वे देव जो अंगरक्षक के समान हो।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बद्ध्यमान आयु- आगामी जिस आयु का बन्ण किया हो वह बद्ध्यमान आयु कहलाती है। Baddhyaman Ayu- Age that has been bound for the next birth
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संख्यात – Sankhyaata. Finite counting. दो को आदि लेकर गणना (गिनने योग्य संख्या) “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रसाद – मन में निर्मल भाव लेन वाली वास्तु अनुग्रह कृपा पवित्र द्रव्य Prasada- Propitiatory offering a gift, boon, blessing, sacred materials
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बहुल- अधेलोक की प्रथम रत्नप्रभा पृथ्वी के प्रथम ‘खरभाग’ की 14वीं पृथ्वी (अपरनाम-बकुल) Bahula- Name of an earth
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संक्षेप सम्यग्दर्शन – Sankshepa Samyagdarshana. Right faith gained through brief description of scriptures. जिनागम में कहे गये जीवादि पदार्थों को संक्षेप से सुनकर या जानकर जो सम्यग्दर्शन होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रोषधोवास- पर्व (अश्टमी, चतुर्दषी आदि) के दिनों में चारों पगाकर के आहार का त्याग करके धर्म ध्यान में दिन व्यतीत करना। Prosadhopvasa- fasting (on 8th & 14th day etc of each fortnight