एकत्ववितर्क अवीचार!
एकत्ववितर्क अवीचार The absolute supreme meditation. अर्थ व्यंजन और योग की संक्रान्ति को हटाकर मन को निश्चल करके 12 वें गुणस्थान को प्राप्त करना और फिर ध्यान लगाकर पीछे नहीं हटना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
एकत्ववितर्क अवीचार The absolute supreme meditation. अर्थ व्यंजन और योग की संक्रान्ति को हटाकर मन को निश्चल करके 12 वें गुणस्थान को प्राप्त करना और फिर ध्यान लगाकर पीछे नहीं हटना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगसंक्रमण – योग सक्रान्ति प्रथम षुक्लध्यान में मन वचन काय योगो का पलटना। Yogasamkramana- Transition of all activities (related to mind speech & body) in auspicious & sacred mode
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वाचिक व्युत्सर्ग– Vaachika Vyutsarga.: See- Vaachanika Vyutsarga. देखें – वाचनिक व्युत्सर्ग “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचाग्नि तप – Panchaagni Tapa. A type of austerity related to five types of fire. बालतप (मिथ्यातप); तापस 5 अग्नियों के मध्य बैठकर यह तप करते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वाचनिक – Vaachanika. Which can be expressed in words. वचनों के द्वारा किया जाने वाला या शब्दों में अभिव्यक्त “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचसूना – Panchasoonaa. 5 necessary household activities. कूटना, पीसना, चूल्हा जलाना, पानी भरना, झाड़ू लगाना, ये पंचसूना गृहस्थ द्वारा किये जाते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लब्ध्यक्षर – अक्षर के तीन भेदो मे एक भेद, सूक्ष्म निगोेद लब्ध्यापर्याप्तक से लेकर श्रुत केवली तक जीवो के जितने क्षयोपषम होते है उन सबकी लब्ध्यक्षर संख्या है। Labdhyaksara- Destructional cum subsidential state of karmas of all beings
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वागभट्ट – Vaagabhatta.: Name of different poets. कवि -1. नेमि निर्वाण काव्य (ई.स. 1075-1125), 2.छंदानुशासन ,काव्यानुशासन के रचयिता (वि.श. 14 मध्यपाद) “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचविंशति कल्याण भावना व्रत – Panchavinshati Kalyaana Bhaavanaa Vrata. Twenty five vows (fasting) related to 25 auspicious Sentimentals. सम्यत्त्व, विनय, ज्ञान, शील आदि 25 कल्याण भावनाओं के 25 व्रत “