प्रकृति संक्रमण!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकृति संक्रमण – Prakrti Samkramana. Transition of karmic species. कर्म की १० अवस्थाओं में एक अवस्था; बंधरूप प्रक्रति का अन्यरूप परिणमन होना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकृति संक्रमण – Prakrti Samkramana. Transition of karmic species. कर्म की १० अवस्थाओं में एक अवस्था; बंधरूप प्रक्रति का अन्यरूप परिणमन होना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योषा – स्त्री का एक पर्यायवाची नाम इसे युवती कहते हैैै। Yosa-Young women
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्विचिकित्सा – Nirvichikitsaa. To have reverential belief with free from any disgust on viewing excreta of saints. घृणा नहीं करना, सम्यग्दर्शन के 8 अंगों में तीसरा अंग; रत्नत्रयसे पवित्र साधुओं के मलिन शरीर, मलमूत्रादी से घृणा न करते हुए वस्तुस्वरूप का विचार करना ” परोपकार के निमित भी इस गुण का पालन करना चाहिए…
तीर्थविहार Saints moving towards place of pilgrimages. मुनि, आचार्य आदि, साधुओं का तीर्थों के लिए गमन करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] व्यंजन पर्याय –Vyainjana Paryaya. Physical form of beings. जो स्थूल है, शब्द के द्वारा कही जा सकती है और चिरस्थायी है उसे व्यंजन पर्याय कहते हैं ” जैसे-जीव की सिध्द या मनुष्य आदि पर्याय “
आर्यिका Jaina most virtuous and adorable female ascetics are called ‘Aryika’, Name of a book written by Ganini Gyanmati Mataji. नारी जीवन के उत्कृष्ट त्याग की अवस्था।दिगम्बर मुनियों के समान ही आर्यिकाओं की विधि होती है, एक साड़ी मात्र नवधाभक्ति कहते हैं।अहिंसा आदि पांच महाव्रतों का पालन करने वाली यह कर्म शत्रु का विनाश करने…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्वाणभक्ति – Nirvaanabhakti. A devotional prayer for salvation of one, A composition Composed by Acharya Kund-Kund & Acharya Pujyapad. 10 भक्तियों में एक भक्ति-आचार्य कुंद-कुंद द्वारा प्राकृत में रचित एवं आचार्य पूज्यपाद द्वारा संस्कृत में रचित “
तीर्थ Place of pilgrimage, auspicious means for the path of salvation. जो संसाररूपी सागर से तिराये अर्थात् पार करे उसे तीर्थ कहा गया है , इसका दो प्रकार से वर्णन है। 1. भावतीर्थ- सम्यग्दर्शन , सम्यग्ज्ञान, सम्यक्चारित्र रूप परिणत आत्मा । 2. द्रव्य तीर्थ- तीर्थंकर भगवन्तों की पंचकल्याणक भूमियाँ, अन्य सिद्धक्षेत्र इत्यादि । जैसे –…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्लोभ – Nirlobha. Greedless. शौच धर्म; चारों prप्रकार kके लोभ से रहित होना “