द्रव्य अधिकरण!
द्रव्य अधिकरण Physical stratum. द्रव्य का आधार।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दोहापाहुड़ A treatise written by Acharya Yogendudeva. आचार्य योगेन्दु देव (ई.श.6 उत्तरार्ध) कृत एक ग्रंथ। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
एकांतिक Directed towards one object, one place or region. नियम से एकांत से संबंधित।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भवनालय – Bhavanalaya. Residence of deities. भवनवासी देवों के भवन “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विमलदेव – Vimaladeva. The writer of ‘Nayachakra’, spiritual teacher of Shridevsen. नयचक्र के रचयिता श्रीदेवसेन के गुरु (वि. ९६५,ई.९०९) “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == धनासक्ति : == धन धरती में गाडै बौरा, धूरि आप मुख लावे। मूषक साँप होइगो आखर, तातै अलठि कहावै।। —आनन्दघन ग्रंथावली : पद—४ मूढ़ मानव अपने धन का संरक्षण करने हेतु धन को जमीन में गाड़ता है और उस पर धूल डालता है किन्तु वस्तुत: वह धन के…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वृहतपल्य व्रत –VrhatapalyaVrata. A particular kind of vow to be observed with particular procedure. प्रत्येक माह मे ये कई व्रत आते हैं, यह एक वर्ष तक किया जाता है ” एक वर्ष मे इसके ७२ व्रत होते हैं ” इसमे एक – एक उपवास का पल्य – पल्य उपवास बराबर फल होता…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावविशुध्दी – Bhavavisuddhi. Volitional purity. प्रत्याख्यान; राग द्वेष आदि अशुभ परिणाम का त्याग करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भुजबलिचरित – Bhujabalichrita. A book written by Doddhyya. “. दोद्दय्य’ द्वारा रचित एक ग्रंथ ” इसमें भगवान बाहुबली का जीवन चरित्र है “