तीर्थराज!
तीर्थराज Greatest place of pilgrimages-Ayodhya & Sammedshikhar. जहां तीर्थंकर जन्में अथवा मुक्त हुए ऐसे अयोध्या और सम्मेदशिखर तीर्थक्षेत्र को तीर्थराज कहते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तीर्थराज Greatest place of pilgrimages-Ayodhya & Sammedshikhar. जहां तीर्थंकर जन्में अथवा मुक्त हुए ऐसे अयोध्या और सम्मेदशिखर तीर्थक्षेत्र को तीर्थराज कहते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
==चोरी== बिना दिये किसी की गिरी, पड़ी, रखी या भूली हुई वस्तु को ग्रहण करना अथवा उठाकर किसी को दे देना चोरी है। इस पाप के करने वाले चोर कहलाते हैं। अथवा Theft, Robbery, Stealth, Concealment. चोरी-रखे हुए , गिरे हुए , भूले हुए अथवा धरोहर रखे हुए परद्रव्य को हरना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]] धर्मात्मा सुरेन्द्रदत्त सेठ…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिष्ठापन समिति- 5 समितियों में एक समिति; निर्जतुभूमि पर मल मूत्रादि का विसर्जन करना। pratisthapana samiti – carefulness in excertion of faces etc. body wastes (waste disposal)
दशवर्षसहस्त्र A time period of 10 thousand years. दस हजार वर्षों का काल समय।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रदोष- ज्ञानावरण दर्षनावरण के आस्त्रव का कारण एक भाव; मन में द्वेश भाव का होना। pradosa – illusive or maliceful mentality
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रवचन मातृका – 5 समिति और ३ गुप्ती ऑफ़ प्रवचन मातृका कहते है ” Pravacanamatrka- Conduct with carefulness and self control
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रदक्षिणा- वन्दना करते समय गुरु, जिन और जिनग्रह की परिक्रमा करना। pradaksina – circumambulation, salutary circling.
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमेय उपक्रम- उपक्रम के अर्थाधिकार का एक भेद। Prameya upakrama – a type of upkaram (a type of pursuance or introduction)
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशेष – Vishesha. Special, Peculiar, Particular, Distinctive. समान भाव को सामान्य और उससे अन्य अर्थात् विसमान भाव को विशेष कहते हैं ” व्याव्रती अर्थात् भेद की बुध्दी उत्पन्न करने वाला विशेष हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमाद चर्या- अनर्थदंड का एक भेद। प्रमाद पूर्वक व्यवहार आचरण करना। PramadaCarya- conduct with carelessness