प्रारब्ध योगी!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रारब्ध योगी- शुद्धात्मा भावना के प्रारम्भक और सूक्ष्म सविकल्प अवस्था में सिथत पुरुश। Prarabdha yogi- One engrossed in meditation inabsolutely
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रारब्ध योगी- शुद्धात्मा भावना के प्रारम्भक और सूक्ष्म सविकल्प अवस्था में सिथत पुरुश। Prarabdha yogi- One engrossed in meditation inabsolutely
धर्मभूषण (भट्टारक) A Bhattarak who wrote ‘Parmeshthi Puja’, etc. many books. परमेष्ठीपूजा , रत्नत्रयोद्यापन आदि के कर्ता। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रुतसागर – Shrutasaagara. Name of a saint in the group of Akampanacharya, Name of a Bhattarak of Nandi group, also name of the disciple of Acharya Shri Kunthusagar Maharaj. अकम्पनाचार्य के संघस्थ एक मुनि; इन्होने राजा श्रीधर्मा के मंत्रियो से शास्त्रार्थ कर उन्हें पराजित किया था ” नंदीसंघ बलात्कार गण में भट्टारक विद्यानंदि-2 के…
धर्मचक्र Reverential wheel related to Samavasharan – assembly of Jaina Lord . तीर्थंकर जिनेन्द्र के समवशरण में विद्यमान देवोपनीत चक्र, हजार आरों वाले ये धर्म चक्र समवशरण की चारों दिशाओं में होते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रीषेण – Shreesena. The past-birth (11th) soul of Lord Shaantinaath, Name of the 5th predestined Chakravarti (emperor). शांतिनाथ भगवान के पूर्व भव का 11वां भव, यह मगध देश का राजा था ” आगामी 5वें चक्रवर्ती का नाम “
धरणीधर A king of ‘Ayodhya’ of Ikshvaku dynasty. इक्ष्वाकुवंश में उत्पन्न अयोध्या का एक राजा।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
आत्मयज्ञ A supreme sacrificial act of purifying soul. क्रोधाग्रि,कामाग्रि और उदराग्रि का वैराग्य और अनशन की आहुतियों से शमन करना।यति मुनि आदि इस यज्ञ से मुक्ति प्राप्त करते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
धनवाहिक Name of a chief disciple (Gandhar) of Lord Rishabhdev. भगवान वृषभदेव के एक गणधर का नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
इंद्रिय बल Sensual strength. 10 प्राणों में एक भेद वीर्यान्तराय एंव मतिज्ञानावरण कर्म के क्षयोपशम से प्राप्त इन्द्रियों की शक्ति।[[श्रेणी:शब्दकोष]]