चूर्णसूत्रवृत्ति!
चूर्णसूत्रवृत्ति A book written by Uchcharanacharya. उत्तारणाचार्य द्वारा यतिववृषभाचार्य (ई. १५०-१८०) कृत कषाय प्राभृत के चूर्नमा सूत्रों पर लिखित एक किताब ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चूर्णसूत्रवृत्ति A book written by Uchcharanacharya. उत्तारणाचार्य द्वारा यतिववृषभाचार्य (ई. १५०-१८०) कृत कषाय प्राभृत के चूर्नमा सूत्रों पर लिखित एक किताब ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उत्तरगुणनिवर्तना Substratum of the secondary attributes like painting on wooden piece etc. अजवाधिकरण का एक भेद लकड़ी वगैरह पर चित्र आदि बनाना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चतुर्विध उदय Four kinds of fruition. प्रकृति, स्थिति , अनुभाग , प्रदेश रूप उदय ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्त्रीप्रवज्या – Stripravajyaa. Initiation of a woman for asceticism.स्त्री द्वारा संपूर्ण परिग्रह त्याग करके दीक्षा धारण करना( उपचार से महाव्रती होते हुए भी सावरण होने से स्त्रियो को मुक्ति नही होती है)।
उत्तमार्थ प्रतिक्रमण Recounting the unexpiated sins (reg. whole life) and repenting for them. जन्मपर्यंत लगे हुए दोषों की शुद्धि करना समाधि के समय किया गया प्रतिक्रमण। यह प्रतिक्रमण सल्लेखना के समय क्षपक द्वारा किया जाता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
छंदशतक A book written by a poet Vrindavan. कवि वृन्दावन द्वारा रचित (ई. १८००-१८४८) भाषा पद संग्रह ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समुत्कीर्तना – Samutkeertanaa. A disquisition door (Anuyodvar) expressing existence of all karmic nature. एक अनुयोगद्वार इसमे कर्म प्रकृतियो का अस्तित्व बतलाया जाता है।
चिंतानिरोध Concentration, Meditation. एकाग्रता ; चित्त की वृत्ति को एक ही विषय में लगान्मा चिंतानिरोध अर्थात् ध्यान है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चंद्रवंश The name of Som dynasty. सोमवंश; बाहुबली के पुत्र सोमयश न एईस वंश की स्थापना की थी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चैतन्यप्राणरक्षा Absolute non-violence; protection of consciousness with the lack of passionate thoughts. निश्र्चय अहिंसा; रागादि का अभाव क्योंकि यह शुद्ध चैतन्य प्राण की रक्षा का कारण है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]