प्रव्रज्या!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रव्रज्या- सप्त परम स्थान में से एक; सम्पूर्ण परिग्रह त्याग कर Þजिनदीक्षाß ग्रहण करना। Pravrajya- Renunciation of worldly affair for Jaina initiation
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रव्रज्या- सप्त परम स्थान में से एक; सम्पूर्ण परिग्रह त्याग कर Þजिनदीक्षाß ग्रहण करना। Pravrajya- Renunciation of worldly affair for Jaina initiation
चंवर An auspicious article which is to be kept near Tirthankars’ (Jaina-Lords’) idol. प्रतिमा के पास में विद्यमान रहने वाले अष्ट मंगल द्रव्यों में एक ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्याख्यानावरण कर्मप्रकृति- pratyakhyanavarana karma prakrti Karmic nature obscuring positive relation चारित्र मोहनीय कर्म का एक भेद। संयम को रोकने वाली कशाय, जिसके उदय से संयम नामवाली परिपूर्ण विरति को यह जीव करने में समर्भ नही होता है।
देवनंदि Disciple of Yashonandi and spiritual teacher of Jayanandi. ई. 336-386 में यशोनन्दि के शिष्य एवं जयनन्दि के गुरू थे।[[श्रेणी: शब्दकोष ]] 1) An Acharya who wrote a number of books. 2) Name of a saint, the disciple of Acharya Shri Kunthusagar Maharaj. (1) आचार्य पूज्यपाद का अपरनाम इन्होंने सर्वाथसिद्धि, इष्टोपदेश, समाधितंत्र आदि ग्रंथों की…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्यक्षज्ञान- pratyaksajnana Direction knowledge gained by the soul itself without any external help. इनिद्रय और मन की सहायता के बिना जो ज्ञान पदार्थ को स्पश्ट जाने, इसके दो भेदहैं- देष प्रत्यक्ष (अवधि एवं मन:पर्ययज्ञान) एवं सकल प्रत्यक्ष (केवलज्ञान)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूपमद – आठ मदो में एक मद।अपनी सुन्दरता का घमण्ड होना। Rupamada-Pride of beauty-puff
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == संबंध : == पंथे पहियजणाणं जह संजोओ हवेइ खणमित्तं। बंधुजणाणं च तहा संजोओ अद्धुओ होई।। —कार्तिकेयानुप्रेक्षा : ८ जैसे मार्ग में पथिकजनों का संयोग क्षणमात्र होता है, वैसे ही बंधुजनों का संयोग अस्थिर है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिहरण- pratiharna Providing remedy for the fault. मिथ्यात्व रागादि दोशों का निवारण करना।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजमल्ल सत्यवाक्य – ई 816 – 830 के एक राजा का नाम।इनके राज्यकाल में ही आचार्य विद्यानंदी नं 1 के द्वारा आप्त परीक्षा प्रमाणपरीक्षा युक्त्यानुषासन गं्रथ लिखे गए। Rajamalla Satyavakaya-Name of a king
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाषा – Bhasha. Language,speech. साधारण बोलचाल को भाषा कहते हैं ” यह अक्षरी, अनक्षरी के भेद से दो प्रकार की होती है “