उपयोग (शुभ)!
उपयोग (शुभ) Gracious attention. दया दान पूजा व्रत शील आदि रुप रागरुप परिणाम होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपयोग (शुभ) Gracious attention. दया दान पूजा व्रत शील आदि रुप रागरुप परिणाम होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रवचन सत्रिकर्ष- द्वादषंग श्रुतज्ञान; जिसमें प्रकर्श रुप से वचन सन्निकृश्ट होते है। Pravacanasannikarsa- Shrutgyan, scriptural knowledge (with all 12 parts)
उपपादसभा Hall of genesis (origin) . कल्पवासी देवों के चैत्यालय में सुधर्मा सभा के ईशान दिशा में उपपाद सभा है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रयोजन- ध्येय, लक्ष्य, उद्देष्य, अभिप्राय। किसी अर्थ को पाने या छोड़ने योग्य निष्चित करके उसके पाने या छोड़ने का उपाय करना। Prayojana- Purpose, object, motive, occasion
उपकार Beneficence, favour, Kindness. भला उपग्रह धर्म द्रव्य गतिरूप से तथा अधर्मद्रव्य स्थिति रूप से जीव और पुद्गल का उपकार करते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमेयरत्नाकर- प्र. आषाधर (ई. 1173-1243) द्वारा रचित एक ग्रंथ। Prameyaratnakara- A book written by PanditAshadharji
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमादयोग- हिंसा का लक्षण; कशाय सहित योगों की प्रवृति। Pramadayoga- Tendency of performing careless (violenceful) activities
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्येक बुद्धि ऋद्धि- ऋद्धि; जिसके द्वारा गुरु उपदेष के बिना ही कर्मो के उपषम से सम्यग्ज्ञान और तप के विशय में प्रगति होती है। pratyeka buddhi riddhi – a type of supernatural power related to self enlightened.
उपचितावयन पद Specified terms of organ diseases etc. रोगादि के निमित्त मिलने पर किसी अवयव के बढ़ जाने से जो नाम बोले जाते हैं जैसे गलगंड लम्बकर्ण आदि।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमाणक देव- एक प्रकार के व्यन्तरजातीय देव। इनकी उत्कृश्ट आयु 70,000 वर्श है। Pramanaka Deva- A type of peripatetic deities