व्यजन!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] व्यजन –Vyajana. Fan. पंखा “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय संवर – Nishchaya Sanvara. Complete stoppage of sensual pleasures with absolute engrossment into self. 5 इंद्रियों के विषयों से निवृत हो शुद्धात्मतत्व रूप परिणति “
उद्दिष्ट त्याग प्रतिमा The 11th Pratima (model stage) of devotees. श्रावकों की 11 वीं प्रतिमा गृहत्याग करके जीवनपर्यंत उद्दिष्ट आहार का त्याग कर देना इस प्रतिमा के धारक ऐलक-क्षुल्लक कहलाते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शाश्वत उपादान – Shashvata Upaadaana. Undestroybale properties of a substance. द्रव्य के दो अंशॉन में एक अंश-गुण; जो शाश्वत होने के कारण अपने स्वरुप को त्रिकाल में भी नहीं छोड़ते “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय प्राण – Nishchaya Praana. Absolute consciousness. शुद्ध ज्ञान व दर्शन निश्चय प्राण है “
उदयकाल Fruition period, matuarity time (of Karmas). नियतकाल कर्म के उदय स्थाान जिस समय उदय योग्या है उस ही काल में उदय होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपात्त Assimilated, Acquired matters (dravyas) . आत्मा के रागादि परिणामों से कर्म और नोकर्मरूप में जिन पुद्गल द्रव्यों को ग्रहण किया जाता है वे उपात्त कहलाते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दयालु Compassionate, merciful, kind person. दयाभाव रखने वाला। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लौकिक सुख –Laukika Sukh: Worldly enjoyments or pleasures . सांसारिक विषय भोगों से प्राप्त होने वाला क्षणिक सुख “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय आराधना – Nishchaya – Aaraadhanaa. Absolute spiritual prayer or meditation, Synonym word For Mokshamarga, the path of salvation. निश्चय मोक्षमार्ग का एक अपरनाम ” मुनि अवस्था में सम्यग्दर्शन, ज्ञान, चारित्र व तप एन चारों की आराधना व्यवहार आराधना है, इस व्यवहार आराधना के द्वारा आत्मा में एकाग्र परिणतिरूप ध्यान निश्चय आराधना है “