द्रव्य कषाय!
द्रव्य कषाय Physical – passions. जीव या द्रव्य कर्म का क्रोधादि रूप होना, निक्षेप की अपेक्षा कषाय का एक भेद।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्रव्य कषाय Physical – passions. जीव या द्रव्य कर्म का क्रोधादि रूप होना, निक्षेप की अपेक्षा कषाय का एक भेद।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यशस्वती–Yashsvati. Mother’s name of the 1st Chakravarti ‘Bharat’ (an emperor). प्रथम चक्रवर्ती ‘भरत’ कीमाता का नाम”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंगुश्रीश्राविका – Pangushreeshraavikaa. Name of an female votary in the period of Kalki king. पंचम काल के अंत में कल्कीके समय चतुर्विध संघ में रहने वाली एक श्राविका का नाम “
द्रव्य Matter, Substance, Reality. गुण और पर्याय का समूह या जो उत्पाद, व्यय और ध्रौव्य से युक्त है उसे द्रव्य कहते हैं। द्रव्य 6 होते हैं – जीव, पुद्गल, धर्म, अधर्म, आकाश और काल।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सूत्रपाहुड़ – Sutrapaahuda. Name of a great early canon written by Acharya Kundkund. आचार्य कुन्दकुन्द (ई0 127-179)प्राकृत गाथाबद्ध ग्रन्थ । इस पर आचार्य श्रुतसागर (ई0 1473-1533) कृत संस्कृत टीका और पं0 जयचन्द्र छाबडा (ई0 1867) कृत भाषा वचनिका उपलब्ध है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंकजगंधा – Pankajagandhaa. Name of a chief female deity. एक महत्तरिकादेवी का नाम “
दोष निर्घातन विनय Reverence causing eradication of passions. दोष को नाश करने वाली विनय।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सूच्यंगुल – Suchyangula. A large quantity as a unit of area measurement. क्षेत्रप्रमाण का एक भेद । अद्धापल्य के अर्द्धच्छेदों का विरलन कर प्रत्येक एक के ऊपर अद्धापल्य रखकर परस्पर गुणा करने से जो राशि उत्पन्न हो उसे सूच्यंगुल कहते है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पिलखन फल – Pilakhana Phala. A non-edible fruit. एक अभक्ष्य फल “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] ब्रह्मसेन – Brahmasena. Name of the preceptor of Acharya Veersen. आचर्य वीरसेन के गुरु तथा जयसेन जी के शिष्य (ई. १०१३ ) का नाम “