पंचव्रत!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचव्रत – Panchavrata. Five kinds of vows-non-violence, truth, non-stealing, celebacy, non-possession. अहिंसा, सत्य, अचौर्य,ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह यें पांच महाव्रत है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचव्रत – Panchavrata. Five kinds of vows-non-violence, truth, non-stealing, celebacy, non-possession. अहिंसा, सत्य, अचौर्य,ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह यें पांच महाव्रत है”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विराग – Viraga. Aversion from the worldly attachments, Indif-ferent. विरक्त होने का नाम विराग है ” सांसारिक वासनाओं के प्रति उदासीनता, राग से मुक्ति “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचमकाल – Panchamkaala. Fifth regressive period of half universal cycle (Avasarpini kal). अवसर्पिणी का पंचम दुखमा काल, जिसमें तीर्थंकर आदि विशिष्ठ पुण्यात्माओं का जन्म नहीं होता “
आयुक्तकरण Inclinalion towards destruction of hermaphrodite libido (Neutralizalion). नपुंसक वेद की क्षपणा या उपशामना के लिए उद्यत होकर प्रवृत होना- उद्यतकरण है, आरम्भकरण व आयुक्तकरण एकार्थक है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वाइम – Vaaima.: A type of knitted material (as clothes,filter articles etc.) द्रव्य निक्षेप का एक भेद “बुनने रूप क्रिया से सिद्ध हुए सूप ,चालनी ,कम्बल ,वस्त्र आदि द्रव्य “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुक्त जीव–Mukta jeev. Liberated soul. मोक्ष को प्राप्त जीव”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वसुनंदि श्रावकाचार– Vasunandi Shraavakaachaara.: Name of a treatise written by Acharya Vasunandi. आचार्य वसुनंदि (ई. 1068 – 1118) कृत प्राकृत गाथाबद्ध ग्रन्थ”
उष्णाष स्तम्भ Three and a half crores. घर का शिखर या चोटी का पत्थर।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रामकथा – आचार्य कीर्तिधर द्वारा विरचित जैन रामायण।इसके आधार पर रविशेणाचार्य ने पùपुराण व स्वंयभु कवि ने पउमचरिउ लिखे है। Ramakatha-A religious book (Jaina Ramayan) written by Acharya Kirtidhar