प्रक्षेपक!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रक्षेपक – Praksepaka. Projector; one who throws, A quantity related with Jainology. फेंकने या ऊछालने वाला, जघन्य पर्याय में जीवराशि अनंत का भाग देने पर जो राशि आये वह प्रक्षेपक है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रक्षेपक – Praksepaka. Projector; one who throws, A quantity related with Jainology. फेंकने या ऊछालने वाला, जघन्य पर्याय में जीवराशि अनंत का भाग देने पर जो राशि आये वह प्रक्षेपक है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षंड वन – Shanda Vana. The initiation forest of Lord Mahavira. तीर्थंकर महावीर का दीक्षा वन ” इसके अन्य नाम ज्ञातृ वन व मनोहर वन भी मिलते हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावपुण्य – Bhava Punya. Auspicious thought- activity of soul. दान, पूजा षडावश्यकादि रूप जीव के शुभ परिणाम भावपुण्य हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्लेष्मा – Shlesmaa. Phlegm, Mucus. कफ ” औदारिक शरीर में 6 अंगुलिप्रमाण श्लेष्मा होता है “
इन्द्रिय निग्रह See – I´driya Rodha. देखें इंद्रिय रोध।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परगण चर्या:To join other group of saints by a saint after leaving own group. साधु आदि द्वारा अपना संघ छोडकर अन्य संघ में जाना ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भवाध्दा – Bhavaddha. A measure related to a life course. भव सम्बंधी काल के प्रमाण को भवाद्धा कहते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रुतिगम्य – Shrutigamya. Knowledge acquired by something heard. अनपेक्षित रूप से प्रवृत्ति में कारण व श्रुतिमात्र से बोधित श्रुतिगम्य हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बंध (कर्मबंध)-कर्मो का बन्धना बन्ध है, यह 4 प्रकार का होता है; प्रकृति, स्थिति, अनुभाग, प्रदेष। Bandha (karmabandha)- Karmic bond
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुख्यकाल–Mukhyakaal. A type of prime period of time. वर्तना लक्षण काल का प्रथम भेद; गौण काल की प्रवृत्तिइसी काल के कारण होती है”