द्वूयंग नमस्कार!
द्वूयंग नमस्कार Greeting, to pay reverence with folding and bending hands. दोनों हाथों को जोड़कर नमस्कार करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्वूयंग नमस्कार Greeting, to pay reverence with folding and bending hands. दोनों हाथों को जोड़कर नमस्कार करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == तीव्रकषायी : == आत्मप्रशंसनकरणं, पूज्येषु अपि दोषग्रहणशीलत्वम्। वैरधारणं च सुचिरं, तीव्रकषायाणां लिंगानि।। —समणसुत्त : ६०० अपनी प्रशंसा करना, पूज्य पुरुषों में भी दोष निकालने का स्वभाव होना, दीर्घकाल तक वैर की गाँठ को बांधे रखना—ये तीव्रकषाय वाले जीवों के लक्षण हैं।
द्रव्य संसार Physical world. जिसमें जीव पुद्गल परमाणुओं को अनंत बार शरीर और कर्मरूप से ग्रहण तथा विसर्जन करता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भेद स्वभाव:Differentiation in nature, discriminative nature of matters. द्रव्योंके 11 सामान्य स्वभावों में एक स्वभाव ; गुण-गुणीआदिमेंसंज्ञा , लक्षण, प्रयोज़ंन की अपेक्षा भेद होने से भेद स्वभाव होताहै “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाववती शक्ति – Bhavavati Sakti. Volitional strength of something. द्रव्य की एक शक्ति; प्रदेशत्व गुणों के अतिरिक्त शेष गुणों के परिणाम की भाव रूप शक्ति “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिपात – Pratipaata. Fall, Counter – fall. गिरने का नाम प्रतिपात है “
द्रव्य लिंग Physical sign or appearance (related to a saint). बाहरी भेष, साधु का बाहरी चिन्ह, परिग्रह रहित व पिच्छी कमण्डलु सहित होना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]