त्रिमूढता!
त्रिमूढता Three faults in right faith. सम्यग्दर्शन के 25 दोषों में 3 दोष । लोक मूढता, देवमूढता, गुरूमूढता । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
त्रिमूढता Three faults in right faith. सम्यग्दर्शन के 25 दोषों में 3 दोष । लोक मूढता, देवमूढता, गुरूमूढता । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == संवर : == सर्वभूतात्मभूतस्य, सम्यक् भूतानि पश्यत:। पिहितास्रवस्य दान्तस्य, पापं कर्म न बध्यते।। —समणसुत्त : ६०७ जो समस्त प्राणियों को आत्मवत् देखता है और जिसने कर्मास्रव के सारे द्वार बंद कर दिए हैं उस संयमी को पापकर्म का बंध नहीं होता। तपसा चैव न मोक्ष:, संवरहीनस्य भवति जिनवचने।…
तत्वसमीक्षा Name of a commentary book written by Vachaspati Mishra. वेदांत साहित्य प्रवर्तक वाचस्पति मिश्र (ई. 840) की व्रह्मसिद्धि पर लिखी समीक्षा।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चक्रवान् A city in the south of Vijayardh mountain. विजयार्ध पर्वत की दक्षिण श्रेणी का एक नगर ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चित्रभवन Name of the residence and the cave of Kuber in Nandanvan (a forest) of ‘Sumeru’ mountain. सुमेरू पर्वत के नंदन आदि वनों में स्थित कुवर का भवन व गुफा ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तेज Lustre, Glitter, fire. गर्मी, चमक, दीप्ति, प्रभा , प्रकाश, अग्नि।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समानदत्ति – Samaanadatti. A type of donation with equality (in virtues etc). or donation to equals. चतुर्विधदत्ति का एक भेद। क्रिया, मंत्र, व्रत आदि मे जो अपने समान है उन्हें पृथिवी, कन्या, स्वर्ण आदि देना समानदत्ति है। अपरनाम-समदत्ति।
तिरोधान To create restriction, Concealment. बाधा डालना, रोकना, छिपाना, कर्म मोक्ष के हेतु को तिरोधान करने वाला है।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]