पृथिवीकायिक जीव!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पृथिवीकायिक जीव – Prthivikayika Jiva. Earth bodied creature; soul which lives in an earth body. जिस जीव के पृथिवी रूप काय विधमान है उसे पृथिवीकायिक जीव कहते हैं ” जैंसे –पत्थर आदि की खान “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पृथिवीकायिक जीव – Prthivikayika Jiva. Earth bodied creature; soul which lives in an earth body. जिस जीव के पृथिवी रूप काय विधमान है उसे पृथिवीकायिक जीव कहते हैं ” जैंसे –पत्थर आदि की खान “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नचतुश्टय – बलभद्र के चार रत्न, रत्नमाला, गदा हल और मूसल Ratnacatustaya-Four jewels of Balbhadra
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिविपला – Prativipalaa. A time unit. काल का एक प्रमाण विशेष ” 60 प्रतिविपलांश = 1 प्रतिविपला “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाहुयुध्द – Bahuyuddha. Combat, a non – violenceful fighting with the strength of arms between two person. दो वक्तियों के बीच भुजाओं से होने वाला युद्ध ” यह अहिंसक युद्ध युग की आदि मे सबसे पहले भगवान ऋषभदेव के पुत्र भरत – बाहुबली के बीच में हुआ था “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतियोगी – Pratiyogi Counter part, competitor, An opponent. विरोधी, साथी, बराबर वाला “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लधुषंका – मूत्रोत्सर्ग, लघु व दीर्घ षंका जाने के बाद प्रायष्चित के रूप 25 उच्छ्वास का कायोत्सर्ग किया जाता है। Laghusamka-Urination
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भैक्ष्यशुद्धि:Purity in procedural food taking. अचौर्य व्रत की एक भावना; शास्त्त्रोक्त विधि से शुद्ध भोजन ग्रहण करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिबोध – Pratibodha. Awaking knowledge; discernment, vigil. जागरण, जानकारी या ज्ञान, सम्यग्दर्शन-ज्ञान, व्रत और शील गुणों को उज्जवल करने, मॉल को धोने अथवा जलाने का नाम प्रतिबोध है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] याज्ञिक मत – संसारी जीव की कभी मुक्ति नहीे होती ऐसा मानने वाला मत। Yajnika Mata-A doctrine believing no salvation of worldly beings
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुरुषाद्वैत – Purusadvaita. Monotheist. एक ही महात्मा है वह सर्व व्यापक है वह सब ब्रम्ह का स्वरूप है ऐसा मानने वाले “