भोगरति!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोगरति:Involvement in all sensual pleasures constantly. नित्य भोग विलास का सेवन करना “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोगरति:Involvement in all sensual pleasures constantly. नित्य भोग विलास का सेवन करना “
ग्रामदाह An obstacle in saint food on having burning incident in a village. जिस ग्राम में साधु आहार के लिए गए हैं यदि अग्नि आदि का प्रकोप हो जाए तो यह ग्रामदाह नाम का अन्तराय होता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गरूडेंद्र A celestial deity (Indra). एक इन्द्र; वंशधर पर्वत पर पूर्वभव के पुत्र देशभूषण व कुलभूषण मुनियों का राम लक्ष्मण द्वारा युप्सर्ग निवारण किए जाने पर गरूडेंद्र ने उनको संकट के समय रक्षा का वर दिया ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गर्भगृह Confinement room, Sanctum, a sacred place or shrine cell. मंदिर के बीच का प्रधान भाग जिसमें मुख्य भगवान की प्रतिओमा रखी जाती है , भवनवासी देवों के भाव्नॉन में एक गृह ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्य सरंचना – Bahya Samracana. Exterior structure of body. बाह्य निवृति; पुदूगलों की इन्द्रयों के आकाररूप रचना होना “
गति-अगति(गुण प्राप्ति) Possibility of virtues in different body forms (Gatis). किस गति से किस गति में उत्पन्न जींव कौन-कौन से गुण उत्पन्न करने योग्य हो सकता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पूर्व पक्ष – Poorva Paksha. Prime facie view. वाद-विवाद के दौरान वादि के द्वारा प्रस्तुत किया गया प्रथम पक्ष “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रात्रिभोजन – रात में किया जाने वाला भाजन जो कि अहिेसा पालन की दृश्टि से निशिद्ध है। Ratribhojana- Dinner (night meal ), Restricted in Jaina philosophy
ग The third consonant of the Devanagari syllabary. देवनागरी लिपि का तीसरा व्यंजन अक्षर , इसका उच्चारण स्थान कंठ है । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकाश शक्ति – Prakasha. One ‘s brilliance, one of the 47 powers acquired by the soul. आत्मा की ४७ शक्तियों में एक शक्ति; स्वयं प्रकाशमान “