भिन्न परिकर्माष्ठक!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भिन्न परिकर्माष्ठक – Bhinna Parikarmastaka. Different type of mathematical operations ap- plied over a fraction. अंश व हर का संकलन, व्यवकलन, गुणकार, भागहार, वर्ग, वर्गमूल, घन और घनमूल करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भिन्न परिकर्माष्ठक – Bhinna Parikarmastaka. Different type of mathematical operations ap- plied over a fraction. अंश व हर का संकलन, व्यवकलन, गुणकार, भागहार, वर्ग, वर्गमूल, घन और घनमूल करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रुतसागर – Shrutasaagara. Name of a saint in the group of Akampanacharya, Name of a Bhattarak of Nandi group, also name of the disciple of Acharya Shri Kunthusagar Maharaj. अकम्पनाचार्य के संघस्थ एक मुनि; इन्होने राजा श्रीधर्मा के मंत्रियो से शास्त्रार्थ कर उन्हें पराजित किया था ” नंदीसंघ बलात्कार गण में भट्टारक विद्यानंदि-2 के…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राषि – अंक या संख्याएं ज्यातिश्चक्र की बारह राषियां। जो जन्मकुडली एवं पंचाग आदि से ज्ञात की जाती है। Rasi-Any number of quantity, the sign
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रीषेण – Shreesena. The past-birth (11th) soul of Lord Shaantinaath, Name of the 5th predestined Chakravarti (emperor). शांतिनाथ भगवान के पूर्व भव का 11वां भव, यह मगध देश का राजा था ” आगामी 5वें चक्रवर्ती का नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूचकाभ – कुण्डलवर पर्वत का एक कूट। Rucakabha-name of a summit of Kundalvar Mountain
आत्मयज्ञ A supreme sacrificial act of purifying soul. क्रोधाग्रि,कामाग्रि और उदराग्रि का वैराग्य और अनशन की आहुतियों से शमन करना।यति मुनि आदि इस यज्ञ से मुक्ति प्राप्त करते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यषोभद्र – श्रुतकेवली भद्रबाहु द्वि के गुरू जो आचारांग के गुरू थे। समय ई पू 53 – 35 Yoshobhadra and another name of Acharya Bhadrabahu (II)
इंद्रिय बल Sensual strength. 10 प्राणों में एक भेद वीर्यान्तराय एंव मतिज्ञानावरण कर्म के क्षयोपशम से प्राप्त इन्द्रियों की शक्ति।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सत्ता ग्राहक शुद्ध द्रव्यार्थिक नय – Sattaa Graahaka Shuddha Dravyaarthika Naya. A standpoint emphasizing to the existence of matters. जो नय उत्पाद और व्यय को गौण करके मुख्य रूप से केवल सत्ता को ग्रहण करता है “